
उदयपुर: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि प्रदेश में करीब 64 लाख अनक्लेम्ड खातों में 1800 करोड़ रुपए जमा हैं। कई लोगों की मृत्यु होने या अन्य कारणों से परिवारजनों को बैंक खातों की जानकारी नहीं रहती। वह राशि खातों में ही रह जाती है।
आरबीआई की ओर से अनक्लेम्ड संपत्ति के निपटान के लिए उदयपुर में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर मल्होत्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में 100 प्रतिशत लोग नेट बैंकिंग, मोबाइल एप अथवा यूपीआई के माध्यम से डिजिटल साक्षरता से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही हमें डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है।
शिविर में अनक्लेम्ड अमाउंट के 48 खातों में 3.47 करोड़ रुपए का निस्तारण किया गया। जिला प्रबंधक ने बताया कि पीएमजेजेबीवाई के 14 लाभार्थियों को 28 लाख, पीएमएसबीवाई के 6 लाभार्थियों को 12 लाख तथा स्वनिधि योजना के 3 लाभार्थियों को कुल 45 हजार रुपए के चेक दिए गए।
1990 बैच के आईएएस संजय मल्होत्रा 2020 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इससे पहले वे राजस्थान में राजस्व विभाग में एसीएस रहे। बिजली विभाग में सचिव एवं सीएस रहे। मल्होत्रा को 2022 में केन्द्र में राजस्व सचिव नियुक्त किया गया। 11 दिसंबर 2024 को मल्होत्रा आरबीआई के गर्वनर नियुक्त किए गए।
बीकानेर मूल के संजय मल्होत्रा ने कानपुर से आईआईटी करने के बाद अमेरिका के प्रिंसटन विवि से सार्वजनिक नीति में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। साल 1990 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और उन्हें राजस्थान कैडर मिला।