Petrol Shortage: सलूंबर में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह से चुंगीनाका पेट्रोल पंप पर देर रात तक लंबी कतारें लग गईं। लोग केन-बोतलों में भी ईंधन भरवाते दिखे। प्रशासन ने सप्लाई सामान्य बताते हुए अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
Petrol Shortage in Salumbar: सलूंबर जिला मुख्यालय सहित आसपास के इलाकों में सोमवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सोशल मीडिया और चर्चाओं में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद होने की अफवाह फैल गई।
देखते ही देखते सलूंबर कस्बे, झल्लारा, चावंड और जयसमंद के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे बिगड़े कि लोग न केवल अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंचे, बल्कि केन, बोतलें और कैंपर लेकर भी ईंधन का स्टॉक करने के लिए उमड़ पड़े।
जानकारी के अनुसार, ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की खबरों को आधार बनाकर यह अफवाह फैलाई गई कि आने वाले दिनों में ईंधन की भारी किल्लत होने वाली है और कीमतें आसमान छू सकती हैं। इस एक अफवाह ने न केवल सलूंबरप, बल्कि जयपुर, बीकानेर और डूंगरपुर जैसे बड़े शहरों में भी ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति पैदा कर दी।
भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए सलूम्बर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आमजन से संयम बरतने और झूठी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है।
वहीं, जिला रसद अधिकारी (DS0) सुरेश कुमार ने बताया, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। लोग पैनिक न हों। अनावश्यक रूप से बोतलों और कैंपरों में तेल भरना सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक है। किसी भी पंप पर ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
प्रदेश भर में फैली इस भ्रांति को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरक का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
अवैध भंडारण, अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
एलपीजी आपूर्ति या किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए जनता 181, 112 और 14435 पर 24 घंटे संपर्क कर सकती है।
जिला रसद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखें ताकि जनता को परेशानी न हो।
अचानक बढ़ी मांग के कारण कई पंपों पर 'ड्राई' होने जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया। हालांकि, पंप मालिकों का कहना है कि यह किल्लत सप्लाई की कमी से नहीं, बल्कि अचानक एक साथ हजारों लोगों के आने से हुई है। देर रात तक पुलिस प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और सुचारू यातायात सुनिश्चित किया।