उदयपुर

‘चरित्र के बिना मनुष्य हिंसक पशु के समान’, उदयपुर में बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू; मीराबाई को इस वजह से किया याद

Droupadi Murmu: गुरूवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उदयपुर में राष्ट्रपति ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षान्त समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया।

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Oct 03, 2024

Droupadi Murmu Rajasthan Visit: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरूवार को उदयपुर दौरे पर रहीं। यहां राष्ट्रपति ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षान्त समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। इस दौरान द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। शिक्षित और सुसंस्कारित व्यक्ति अपने परिवार, समाज और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

दरअसल, विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने की। विशिष्ट अतिथि पंजाब के राज्यपाल व चण्डीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया रहे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

'उच्च आचरण व कर्म से देश का गौरव बढ़ाएं'

दीक्षान्त समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन सिर्फ स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए ही नहीं बल्कि उनके शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी हर्ष और गर्व का है। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ चरित्र का भी विशेष महत्व है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि चरित्र और विनम्रता के बिना मनुष्य हिंसक पशु के समान है। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्चतम नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए आगे बढ़ने और अपने उच्च आचरण व कर्म से देश को गौरवान्वित करने का आह्वान किया।

सतत सीखने की प्रवृत्ति से ही शिक्षा की उपयोगिता- मुर्मू

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने कहा कि वर्तमान समय तेज गति से हो रहे बदलावों का है। ज्ञान और तकनीक में भी बदलाव हो रहे हैं। शिक्षा की उपयोगिता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सतत सीखने की प्रवृत्ति रखी जाए। विद्यार्थी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्वों में समन्वय रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का भी आह्वान किया।

'भक्ति और शक्ति का संगम स्थल है मेवाड़'

राष्ट्रपति ने कहा कि मेवाड़ और उदयपुर की विभूतियों ने स्वाधीनता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह क्षेत्र सदियों से राष्ट्रीय अस्मिता के संघर्ष का साक्षी रहा है। राणा सांगा, महाराणा प्रताप, और भक्तिकाल की महान संत कवयित्री मीराबाई का यह क्षेत्र शक्ति और भक्ति के संगम का क्षेत्र कहा जा सकता है। यहाँ की जनजाति-बहुल आबादी ने इस क्षेत्र का ही नहीं पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। यहां के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। इससे भारत की गौरवशाली परंपराओं के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में उदयपुर प्रजामण्डल के योगदान को भी रेखाकिंत करते हुए माणिक्य लाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता और भूरेलाल बया और मोहनलाल सुखाड़िया आदि का भी स्मरण किया।

बेटियां हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही

दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मैडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटों की तुलना में बेटियों की अधिक संख्या की जानकारी मिलने पर राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां सभी क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। यह बहुत खुशी की बात है।

68 विद्यार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि

गौरतलब है कि दीक्षान्त समारोह में राष्ट्रपति ने विभिन्न विषयों के 85 विद्यार्थियों को गोल्ड मैडल तथा 68 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति की उपाधि से नवाजा। दीक्षांत समारोह में कुल 85 विद्यार्थियों को 102 गोल्ड मेडल दिए गए। जिसमें 16 छात्र तथा 69 छात्राएं शामिल है। इन गोल्ड मेडल में 8 चांसलर मेडल भी शामिल है जिसमें दो छात्र व 6 छात्राएं हैं। इसके साथ ही कुल 68 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई, जिसमें 35 छात्राएं और 33 छात्र शामिल थे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सिटी पैलेस की खूबसूरती का किया दीदार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उदयपुर प्रवास के दौरान सिटी पैलेस म्यूजियम का अवलोकन किया। राष्ट्रपति गुरूवार दोपहर सिटी पैलेस पहुंची। इस दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े व उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी साथ रहे। वहां महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन के डॉ लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ व निवृत्तिकुमारी मेवाड़ ने उनकी अगवानी की। महामहिम ने सिटी पैलेस में स्थित म्यूजियम का अवलोकन किया। इस दौरान लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने महामहिम को म्यूजियम की अलग-अलग गैलेरी का अवलोकन कराते हुए उनका महत्व बताया। महामहिम राष्ट्रपति ने गुरुवार अपराह्न बाद माउंट आबू के लिए प्रस्थान किया।

Updated on:
03 Oct 2024 08:15 pm
Published on:
03 Oct 2024 05:16 pm
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