पुलिस ने 22 साल से फरार 10 हजार के इनामी डकैत देवी सिंह कंजर को मध्यप्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम साधु वेश में पहुंची और रेकी कर आरोपी को दबोचा। आरोपी ने 2004 में हाइवे पर कंटेनर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
उदयपुर: गोवर्धन विलास थाना पुलिस ने 22 साल से फरार 10 हजार रुपए के इनामी डकैत को गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंक खुर्द इलाके में छिपा हुआ था। पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए साधु वेश धारण किया था।
पुलिस टीम ने इस बार शातिर बदमाश देवी सिंह कंजर को पकड़ने के लिए अलग रणनीति अपनाई। एएसआई मनोहर सिंह, हेड कांस्टेबल नरेश कुमार, कांस्टेबल जसवंत सिंह और दिनेश कुमार की टीम देवास के चिड़ावद पहुंची। वहां पुलिसकर्मियों ने साधु वेश धारण किया और गांव के बाजार में रेकी की। टीम ने स्थानीय पुजारियों से भी गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई थी।
घटना के समय से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी बार-बार चकमा देकर भाग जाता और कभी पुलिस के हाथ नहीं आया। एसपी अमृता दुहन की ओर से चलाए गए अभियान में पुराने केस की फाइल खोलकर, सालों से फरार आरोपी की धरपकड़ की जा रही है।
प्रशिक्षु आरपीएस रामकुमार भादू ने बताया कि 29 जुलाई 2004 को कंटेनर ड्राइवर रविंद्र कुमार यादव कपड़ों की गांठें लेकर सूरत से जयपुर जा रहा था। रात 10 बजे वह पडुणा पहुंचा तो बदमाश देवी सिंह कंजर ने गैंग बनाकर लूट की वारदात कर दी।
आरोपी देवी सिंह कंजर ने कंटेनर लूटा था। चालक और खलासी को बंधक बना लिया और आंखों पर पट्टी बांधकर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश कपड़ों से भरा कंटेनर लूटकर ले गए थे। मामले में पहले 5 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, वहीं एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
एएसआई मनोहर सिंह ने बताया कि गोवर्धन विलास थाना पुलिस कई सालों से देवी सिंह की तलाश में मध्यप्रदेश के देवास में दबिश दे रही थी, लेकिन हर बार वह बच निकलता। पहले आरोपी पर 2 हजार का इनाम था, जिसे 2023 में बढ़ाकर 10 हजार किया गया। इस बार प्रशिक्षु आरपीएस रामकुमार भादू के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस ने बताया कि 10 अप्रेल को सुबह पुलिस को सटीक सूचना मिली कि देवीसिंह खेत की तरफ जाने वाला है। पुलिस टीम उसके घर के बाहर पहुंच गई। हालांकि, साधु के वेश में आए लोगों को देखकर शातिर बदमाश को भनक लग गई और वह घर के पीछे बाड़े में छिपने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने घेरा डालकर उसे वहीं दबोच लिया।