उदयपुर

घर में अनाज नहीं तो भला कैसे मनेगी दिवाली, उदयपुर में गरीबों का दर्द आया सामने

जिले में करीब ढाई लाख परिवारों के लिए आबंटित नहीं हुआ अनाज, डीएसओ के निलम्बन के बाद सरकार की अनदेखी
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Oct 17, 2017
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उदयपुर . जिलेभर में सस्ते अनाज का लाभ लेने वाले करीब साढ़े पांच लाख परिवारों के लिए आबंटित होने वाले अनाज का अक्टूबर में आधा ही उठाव हो पाया है। ऐसे में करीब ढाई लाख परिवारों के करीब 12 लाख लोगों के लिए अनाज नहीं पहुंच पाया है। वजह हाल ही में डीएसओ का निलम्बन होना है। कार्रवाई के बाद सरकार ने ऐसी व्यवस्था नहीं की है कि गेहूं आबंटन और उठान में व्यवधान नहीं आए।


जिले में प्रतिमाह 1135 उचित मूल्य दुकानों पर 11129 मेट्रिक टन गेहूं आबंटित होता है। जिला रसद अधिकारी के निलबंन की वजह से अक्टूबर के आवंटित गेहूं में से आधे का ही उठाव हो पाया। इसके बाद एफसीआई ने रसद विभाग को गेहूं देने पर रोक लगा दी है। अब नए रसद अधिकारी के आने के बाद ही गेहंू का उठाव हो पाएगा। ऐसे में अब वंचित परिवारों को राशन का गेहूं मिलने में देरी हो गई है। लिहाजा 12 लाख से भी अधिक परिवार दीपावली पर राशन का गेहूं लेने से वंचित रहेंगे।


उपभोक्ता सप्ताह बीता
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में प्रति माह आवंटित गेहूं के आने के साथ ही हर माह की 10 तारीख से उपभोक्ता सप्ताह शुरू हो जाता है। इस माह की दस तारीख से 6 हजार मेट्रिक टन गेहूं का उठाव ही हो पाया। जिले की करीब 550 दुकानों पर ही गेहूं पहुंच पाया। इनमें से भी कुछ दुकानों पर पोस मशीन में इंद्रार्ज नहीं होने के कारण वितरण नहीं हो पाया।


आज से अवकाश
मंगलवार से दीपावली के तीन दिन के अवकाश होने के वजह से अब गेहूं का उठाव दीपावली के बाद हो पाएगा। इसके बाद वितरण होगा। इस कारण लाखों परिवार को बिना गेहूं के दीपावली मनानी पड़ेगी।


नए अधिकारी के कार्यभार संभालने के साथ ही शेष गेहूं का उठाव कर वितरण हो पाएगा। जिले की आधी दुकानों पर पहुंच गया है। मशीन में इंद्राज होने के साथ ही उपभोक्ता को मिल जाएगा।
मानसी पंड्या, प्रर्वतन अधिकारी, रसद विभाग

Published on:
17 Oct 2017 04:53 pm