
वे कहती हैं कि शरीर की तरह बालों की सार-संभाल के लिए प्रकृति प्रदत्त चीजें ही कारगर होती हैं। बाजारी वस्तुएं इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य, त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचता है। वे बताती हैं कि पौष्टिक आहार के साथ उचित देखभाल से ही यह सब संभव हो सका। इतने लंबे बालों का शौक पालना आसान बात नहीं। घर के रोजमर्रा के कामकाज के बीच रोजाना आधा-पौन घंटा इनके लिए निकालना पड़ता है। आयोजन समिति ने उन्हें इस उपलब्धि पर प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
प्रतिभाओं का किया गया सम्मान
उदयपुर. सनाढ्य समाज साहित्य मण्डल की ओर से रविवार को नेहरू छात्रावास के तिलक सभागार में अखिल भारतीय सनाढ्य प्रतिभा सम्मान समारोह एवं सनाढ्य सरिता पत्रिका का विमोचन कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. सतीश चन्द्र तिवारी थे। विशिष्ट अतिथि नाथद्वारा सनाढ्य समाज के सरपंच जुगलकिशोर सनाढ्य, कांकरोली सनाढ्य समाज के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, समग्र सनाढ्य समाज अध्यक्ष दाऊदयाल सनाढ्य, शिक्षा निदेशक डॉ. वीणा सनाढ्य, प्रधान सम्पादक डॉ. अनिल शर्मा थे। अध्यक्षता अम्बालाल सनाढ्य ने की। इस अवसर पर अखिल भारतीय सनाढ्य प्रतिभा सम्मान की पांच श्रेणियों में स्व. कुंदन लाल तिवारी की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर पर तीन सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को नकद पुरस्कार दिए गए। विदेश में मेडिकल शिक्षा के लिए ‘कुणाल मेमोरियल ट्रस्ट’ की ओर से छात्रवृत्ति दी गई। ब्राह्मण समाज की समर्पित सेवा के लिए ‘विदुषी अरूंधति सम्मान’ शांता तिवारी को दिया गया। अंत में सनाढ्य समाज की पत्रिका ‘सनाढ्य सरिता’ के दीपावली अंक का विमोचन किया गया।
Published on:
17 Oct 2017 04:36 pm
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