उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर तेज रफ्तार कार ट्रक में घुस गई। हादसे में दो सरकारी कर्मचारी समेत 3 लोगों की मौत हो गई। कार सवार वीडीओ उदयपुर में एसीआर भरवाने आए थे। लौटते समय हादसा हो गया।
उदयपुर। उदयपुर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो सरकारी कर्मचारियों समेत तीन लोगों की जान चली गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे मिनी ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
जानकारी के अनुसार हादसा उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर अंबेरी पुलिया के पास गुरुवार रात करीब सवा दस बजे हुआ। इस हादसे में झालावाड़ के पंचमुखी हनुमान मार्ग निवासी राधेश्याम (58), मंगलपुरा निवासी कमल किशोर (60) और बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र के गुलखेड़ी निवासी हेमराज (54) की मौत हो गई।
बताया गया कि राधेश्याम झालरापाटन पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर कार्यरत थे, जबकि कमल किशोर सेवानिवृत्त वीडीओ थे। दोनों अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) भरवाने के लिए झालावाड़ से उदयपुर के सराड़ा पंचायत समिति पहुंचे थे। यहां उन्होंने संबंधित अधिकारी से मुलाकात कर आवश्यक कार्य पूरे किए।
लौटते समय सराड़ा पंचायत समिति में कार्यरत सहायक कर्मचारी हेमराज भी उनसे मिला। बातचीत के दौरान तय हुआ कि वह भी उनके साथ झालावाड़ तक जाएगा और वहां से अपने गांव गुलखेड़ी निकल जाएगा। इसके बाद तीनों शाम करीब साढ़े छह बजे झालावाड़ के लिए रवाना हो गए। कुछ ही मिनट के बाद उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, वे यह सोच भी नहीं सकते थे।
रास्ते में कार सवारों को देबारी से चित्तौड़गढ़ की ओर मुड़ना था, लेकिन वे रास्ता भटक गए और सीधे पिंडवाड़ा हाईवे की ओर बढ़ गए। करीब दस किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद अंबेरी पुलिया के पास उनकी कार सामने चल रहे मिनी ट्रक के पीछे जा घुसी। हादसा इतना भयावह था कि राधेश्याम और कमल किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल हेमराज को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
हादसे के बाद शुरुआती दौर में तीसरे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। बाद में जानकारी मिलने पर हेमराज की पहचान हुई और परिजनों को सूचना दी गई। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर फैल गई।