उदयपुर

राजस्थान सरकार ने बदले 9 साल पुराने नियम, होटल-रेस्टोरेंट में स्टार रेटिंग खत्म, जिम-ब्यूटी पार्लर चलाना होगा महंगा

Annual License Fees Increased: राजस्थान सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट, जिम और ब्यूटी पार्लर समेत 18 श्रेणियों की वार्षिक लाइसेंस फीस में बड़ा बदलाव करते हुए दरों को 2 से 5 गुना तक बढ़ा दिया है। सरकार ने 9 साल पुराने स्टार रेटिंग सिस्टम को खत्म कर अब होटलों में कमरों की संख्या और लग्जरी सुविधाओं के आधार पर फीस तय करने का फैसला लिया है।
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May 26, 2026
Bhajanlal Sharma
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा: फाइल फोटो: पत्रिका

New Order Of Autonomous Governance Department: स्वायत्त शासन विभाग ने शहरी निकायों के अधिकार क्षेत्र के होटल-रेस्टोरेंट के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस की दरों में बड़ा बदलाव किया। नए आदेश के तहत होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, मिठाई की दुकान, जिम, ब्यूटी पार्लर और मोबाइल फूड वैन सहित 18 श्रेणियों की नई वार्षिक फीस में 2 से 5 गुना तक वृद्धि कर दी। इसमें एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। 9 साल पुराने नियम में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने वर्ष 2017 से चले आ रहे होटल स्टार रेटिंग (फाइव स्टार, फोर स्टार, थ्री स्टार) के आधार पर लाइसेंस फीस वसूलने के सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर दिया।

अब शहरों में होटल चलाने के लिए स्टार श्रेणी नहीं, बल्कि कमरों की संख्या और वहां मौजूद लग्जरी सुविधाओं (स्विमिंग पूल, जिम, स्पा) को आधार बनाया है। नगर निगम क्षेत्र में किसी होटल में 50- 100 कमरे हैं तो उसे 50 हजार रुपए वार्षिक देने होंगे। अगर लग्जरी सुविधाओं के साथ लाइसेंस लेना है तो 75 हजार रुपए वार्षिक देने होंगे।

पुरानी दरें बनाम नई दरें

प्रतिष्ठानपुरानी व्यवस्थानई व्यवस्था (नगर- निगम)बढ़ोतरी
होटल (10 कमरे तक)₹ 5,000₹ 25,000 (50 कमरों तक)5 गुना
होटल (20 कमरे तक)₹ 10,000₹ 25,000 (50 कमरों तक )ढाई गुना
एसी रेस्टोरेंट (50 चेयर तक)₹ 5,000₹ 20,000 (100 चेयर तक)4 गुना
नॉन-एसी रेस्टोरेंट₹ 2,500₹7,500 (100 चेयर तक)3 गुना
जिम₹2,000₹5,0002.5 गुना
स्विमिंग पूल₹ 1,000₹ 5,0005 गुना
मोबाइल फूड वैन₹ 2,000₹ 3,000₹1,000

नए नियमों के तहत लाइसेंस राशि

कमरेराशि
51- 10050 हजार
100 तक (लग्जरी सुविधाएं)75 हजार
101 से 150 (लग्जरी सुविधाएं)1 लाख
150 से ज्यादा (लग्जरी सुविधाएं)1.50 लाख

पर्यटन नीति के विपरीत है यह फैसला- होटल संचालक

होटल संचालकों का कहना है कि पर्यटन उद्योग पहले से ही बिजली की बढ़ती दरों, विभिन्न टैक्स और संचालन लागत से दबा हुआ है। ऐसे में लाइसेंस फीस को अचानक 3 से 5 गुना तक बढ़ा देना कहीं से भी व्यावहारिक नहीं है। एक तरफ सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर व्यापारियों की कमर तोड़ी जा रही है। इससे नए निवेश और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।

नियम तोड़ने पर सीलिंग और भारी जुर्माने का भी शिकंजा

नए आदेशों में केवल फीस ही नहीं बढ़ी है, बल्कि नियम कायदों को भी बेहद सख्त कर दिया है। उल्लंघन करने पर ₹5,000 जुर्माना देना होगा। बिना वैध लाइसेंस या नवीनीकरण के चलने वाले प्रतिष्ठानों को सीधे सील करने की कार्रवाई होगी।

स्वास्थ्य अधिकारी और ईओ संभालेंगे कमान

जिन नगरीय निकायों में स्वास्थ्य अधिकारी (एमबीबीएस) कार्यरत हैं, वहां वरिष्ठतम स्वास्थ्य अधिकारी ही लाइसेंस जारी और नवीनीकृत करने के लिए अधिकृत होंगे। वहीं, जिन निकायों में स्वास्थ्य अधिकारी नहीं हैं, वहां आयुक्त, जोन उपायुक्त या अधिशाषी अधिकारी इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।

Updated on:
26 May 2026 11:39 am
Published on:
26 May 2026 06:49 am