उदयपुर

सुरों की शाम: अनाहत में गूंजी स्नेहा शंकर की जादुई आवाज…श्रोता मंत्रमुग्ध

इंडियन आइडल फेम गायिका स्नेहा शंकर ने उदयपुर में आयोजित अनाहत संगीतमय संध्या में शास्त्रीय, सूफी और बॉलीवुड गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 'पत्रिका' से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी जड़ें राजस्थान से जुड़ी हैं और वे जल्द ही राजस्थानी फोक संगीत पर आधारित एक विशेष प्रोजेक्ट लेकर आएंगी।

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Jun 06, 2026
sneha shankar night
कार्यक्रम में परफॉर्म करती स्नेहा शंकर

उदयपुर. आरएनटी मेडिकल कॉलेज सभागार में डॉ. जे.के. तायलिया फाउंडेशन के सहयोग से अनाहत संगीतमय संध्या संगीत प्रेमियों के लिए यादगार बन गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इंडियन आइडल फेम युवा गायिका स्नेहा शंकर रहीं, जिन्होंने अपनी मखमली आवाज से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान उन्होंने 'पत्रिका' से विशेष बातचीत में अपने संगीत के सफर और राजस्थान से अपने खास जुड़ाव को लेकर चर्चा की।शास्त्रीय, सूफी और बॉलीवुड धुनों का अनूठा संगमसंगीत संध्या का आगाज स्नेहा ने ‘याद पिया की आए’ से किया। इसके बाद उन्होंने ‘मेरे रश्के कमर’, ‘दमादम मस्त कलंदर’, ‘सजदा’, ‘लग जा गले’ और ‘बाहों में चले आओ’ जैसे सदाबहार गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। इससे पहले स्थानीय कलाकार पामिल मोदी ने ‘यारा सिली सिली’ व ‘मेरे नैना सावन भादो’ और गायक अभिषेक ने लोकप्रिय फिल्मी गीतों से माहौल को सुरमयी बनाया।राजस्थान से है मेरी जड़ें, जल्द लाऊंगी फोक प्रोजेक्ट।

सवाल: रियलिटी शोज ने आपकी जिंदगी को कैसे बदला?

जवाब: रियलिटी शोज टैलेंट के लिए बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म हैं। 'इंडियन आइडल' के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। आज दुनिया के कोने-कोने से लोग मेरी परफॉर्मेंस देखकर भावुक होते हैं। मैं नए सिंगर्स से यही कहूंगी कि अगर आपके पास हुनर है, तो इस मंच पर जरूर जाएं; आपकी एक परफॉर्मेंस जिंदगी बदल सकती है।

सवाल: प्रतिष्ठित संगीत घराने (दादा शंकर और पिता राम शंकर) से जुड़ाव होने का कितना प्रेशर रहता है?

जवाब: मुझे बचपन से ही घर में संगीत मिला और मेरे पापा ही मेरे गुरु हैं। लोगों की उम्मीदें जरूर होती हैं कि 'राम शंकर की बेटी है तो अच्छा ही गाएगी।' लेकिन मैं इसे प्रेशर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी मानती हूं कि मैं अपने परिवार की इस महान विरासत को आगे बढ़ाऊं।

सवाल: आज की जनरेशन और आपके क्लासिकल बेस के बीच बैलेंस कैसे बनता है?

जवाब: मुझे आज के डांस नंबर्स से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन मेरी पर्सनल चॉइस हमेशा क्लासिकल और सूफी रहेगी। मेरी कोशिश यही है कि हमारी जो रूट्स (जड़ें) हैं, उन्हें नई जनरेशन भूल न जाए।

सवाल: उदयपुर और राजस्थान से आपका क्या कनेक्शन है?

जवाब: मैं खुद राजस्थान से हूं! मम्मी-पापा और पूरी फैमिली की जड़ें यहीं हैं। उदयपुर का फोक म्यूजिक पूरी दुनिया में मशहूर है और 'केसरिया बालम' मेरा फेवरेट है। हम आगे चलकर एक खास प्रोजेक्ट प्लान कर रहे हैं, जिसमें मैं अपनी आवाज में राजस्थानी फोक म्यूजिक लेकर आऊंगी।

Updated on:
06 Jun 2026 06:21 pm
Published on:
06 Jun 2026 06:19 pm