
मो. इलियास/उदयपुर . प्रतापगढ़ क्षेत्र के एक गरीब आदिवासी किसान ने लडक़ा-लडक़ी के बीच भेद को दूर करते हुए अपने तीन बच्चों को तालिम दिलाकर समाज में अलग पहचान बनाई। बच्चे भी पिता की उम्मीदों पर पूरा खरा उतरे, बड़ी पुत्री ने हाल ही बीएड में प्रवेश लिया और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। रविवार को वह डूंगरपुर में एक परीक्षा केन्द्र पर एलडीसी परीक्षा देकर लौटते समय गांव एवं समाज के ही टैक्सी चालक की उस पर बुरी नजर पड़ गई। रास्ते में चालक ने उसकी अस्मत लूटकर सभी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। डरी-सहमी यह किशोरी अभी यहां जनाना चिकित्सालय में मौत से संघर्ष कर रही है और उसके पिता व परिजन उसकी सलामती की दुआएं कर रहे हैंं। पिता रोते हुए बार-बार कह रहा है कि साहब- जिस दरिन्दे ने मेरी बच्ची की यह हालत की वह छूटना नहीं चाहिए।
धरियावद थाना पुलिस ने पीडि़ता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी करमाल कला मांडला (धरियावद) निवासी टैक्सी चालक रूपलाल पुत्र बाबरू मीणा को नामजद किया है। आरोपी शादीशुदा बताया गया है। पीडि़ता ने बयानों में बताया कि उसका सेन्टर वद्र्धमान सेकेण्डरी स्कूल नवाडेरा, डूंगरपुर था। शनिवार शाम को वह छोटे भाई के साथ बाइक से पारसोला के अमरतिया गांव तक मौसी के घर आई। रात गुजराने के बाद तडक़े वह भाई के साथ करीब 80 किमी का सफर कर डूंगरपुर जिले के सेन्टर पहुंची। सुबह 8 से 11 व शाम को 2 से 5 परीक्षा दी। इसी सेन्टर पर गांव के ही दो अन्य अभ्यर्थी आरोपी रूपलाल की टैक्सी से परीक्षा देने आए थे। लौटते समय गांव के ही जान-पहचान के लोग होने तथा सफर लम्बा होने से भाई ने उसे टैक्सी में बिठा दिया। पीडि़ता का कहना है कि रात करीब 8 बजे आरोपी गांव पहुंचने पर दोनों अभ्यर्थी टैक्सी से उतर गए। आरोपी घर छोडऩे के बहाने सुनसान जगह पर ले गया और गाड़ी में ही बलात्कार किया। घटना के बाद वह उसे मकान के पिछवाड़े पटककर भाग गया।
प्रतापगढ़ में उपचार के बाद किया रेफर
परिजनों ने बताया कि पीडि़ता के घर पहुंचने पर हालत खराब होने पर उसे धरियावद के चिकित्सालय ले गए, जहां से उसे प्रतापगढ़ रेफर किया गया। इलाज के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उसे उपचार के लिए उदयपुर ले आए। परिजन सोमवार सुबह किशोरी को लेकर यहां जनाना चिकित्सालय पहुंचे, जहां उसे खून चढ़ाया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।
पिता की भी हालत हुई खराब
पीडि़ता के पिता का कहना था कि खेती कर जैसे-तैसे बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। मकसद एक ही था कि बच्चे पढकऱ अपने पैरों पर खड़े हो जाए, फिर इनके हाथ पीले करूं। इस बीच, आरोपी ने सभी सपने चकनाचूर कर दिए। पिता ने कहा कि व्याख्याता भतीजे ने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था। बच्ची की हालत देखकर पिता की भी हालत खराब हो गई।