मवेशी चोर दो युवकों को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पिटाई करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
गींगला पसं. कुराबड़ थाना क्षेत्र के दांतीसर ग्राम पंचायत के रूणिजा में बुधवार रात कथित मवेशी चोर दो युवकों को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पिटाई करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया। आधी रात को बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। जानकारी के अनुसार रूणिजा के सानतलाव मोहल्ले में हमता मीणा के यहां से रात को 15 बकरियां चुरा ली गई। इस पर ग्रामीण पहरा दे रहे थे। तभी दो युवक अंधेरे में छिपते नजर आए। ग्रामीणों ने उन्हें मवेशी चोर मानते हुए घेराबंदी कर पकड़ लिया। गांव में चोर पकड़े जाने की खबर फैल गई। मौके पर कई लोग जमा हो गए। ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। पूछताछ पर उन्होंने अपना नाम रूणिजा निवासी लक्ष्मण मीणा और अदवास निवासी शंकरसिंह भारिया बताया। ग्रामीणों ने कुराबड़ थाने में सूचना दी। पुलिस ने दोनों युवकों को शांतिभंग के मामले में गिरफ्तार कर कुराबड़ नायब तहसीलदार के समक्ष पेश किया, जहां से जमानत पर छोड़ा गया।
यहां सूचना के नौ घंटे बाद पहुंची पुलिस
कानोड़ . भीण्डर-कानोड़ मार्ग स्थित बड़वाई के लांबी चोटी गांव में रात 11 बजे चेनसिंह पुत्र भगवतसिंह के घर में चोरी करते उचक्के को परिजनों ने पकड़ लिया। चोर को पकडऩे के बाद ग्रामीणों ने रात 12 बजे डूंगला थाने में सूचना दी, लेकिन दो पुलिसकर्मी सुबह 9 बजे गांव में पहुंचे। इससे ग्रामीणों में आक्रोश रहा। बताया गया कि चेनसिंह के परिजन घर के बाहर सो रहे थे। अंदर से बर्तन बजने की आवाज आई तो परिजनों की नींद खुल गई। परिजनों ने चोरी का अंदेशा होने पर दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद हल्ला करते हुए ग्रामीणा को बुला लिया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। इसके बाद दरवाजा खोला तो एक युवक निकला, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
पुलिस को खस्ताहाल गाड़ी का डर
रात में घटना स्थल पर जाने के लिए गाड़ी की जरूरत थी, लेकिन डूंगला थाने में पुलिस के पास एक खस्ताहाल गाड़ी है, जो कभी भी कहीं भी जवाब दे देती हैं। पुलिस को इस गाड़ी को रात में तो ठीक, दिन में भी कहीं ले जाते हुए रास्ते में बंद होने का भय रहता है। जिले के अंतिम छोर पर डूंगला थाने का आधा भाग पहाड़ी क्षेत्र है। आए दिन वहां कोई न कोई घटना होती रहती है, लेकिन पुलिस के पास खस्ताहाल गाड़ी को ले जाना मुसीबत भरा रहता है। यही कारण रहा कि पुलिस रात को गांव में नहीं पहुंच पाई।