
उदयपुर. शहर में एसी ई-बसों की संख्या बढ़ने के साथ ही यात्री भार और आय में भी बड़ा उछाल आया है। आचार संहिता के बाद शहर को मिली छह नई बसों के साथ कुल संख्या 34 हो गई है। इसका असर एक महीने के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। 1 सितंबर को जहां 24 बसों से 3033 यात्रियों ने सफर किया और आय 48810 रुपए रही, वहीं 29 सितंबर को 34 बसों ने 8101 यात्रियों को सफर कराया और आय बढ़कर 138960 रुपए पहुंच गई। यानी बसें बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या ढाई गुना से ज्यादा और आय करीब तीन गुना हो गई।
इसी बीच उदयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट ने रूट में भी बदलाव किया है। नए रूट में एकलिंगजी-कैलाशपुरी से चेतक तक ई-बस सेवा शुरू की गई है। इस रूट पर दो बसें चलाई गई हैं। नई सेवा शुरू हुए अभी तीन दिन हुए हैं, लेकिन यात्रियों का रिस्पॉन्स उत्साहजनक बताया जा रहा है। अब शहरवासी महज 40 रुपए में एसी ई-बस से एकलिंगजी पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे।
| विवरण | 1 सितंबर | 29 सितंबर |
|---|---|---|
| बसें | 24 | 34 |
| संचालन (किमी) | 3,942 | 6,751 |
| यात्री | 3,033 | 8,101 |
| आय (₹) | 48,810 | 1,38,960 |
ई-बसों में सबसे ज्यादा यात्री भार उमरड़ा-रामपुरा, तीतरड़ी-लोयरा, आईआईएम-भुवाणा और बलीचा-पेसिफिक अस्पताल रूट पर मिल रहा है। इन रूट्स पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों का संचालन भी अधिक उपयोगी साबित हो रहा है। वहीं तीतरड़ी-भुवाणा और चेतक-कानपुर रूट पर यात्री भार अपेक्षाकृत कम मिला। ऐसे रूट को देखते हुए सिटी ट्रांसपोर्ट की ओर से रूट मॉडिफिकेशन किया गया है, ताकि बसों का संचालन उन मार्गों पर बढ़ाया जा सके जहां यात्रियों की मांग अधिक है।
अब तक बलीचा-अंबेरी-पेसिफिक अस्पताल जैसे रूट पर चल रही ई-बस सेवा का विस्तार किया है वहीं एकलिंगजी-कैलाशपुरी से चेतक तक नई सेवा शुरू की हैं। सेवा शुरू हुए अभी करीब चार दिन ही हुए हैं, लेकिन शुरुआती आंकड़ों में यात्री और आय दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस रूट का सबसे बड़ा फायदा शहरवासियों और पर्यटकों को यह होगा कि चेतक से सीधे एसी ई-बस में बैठकर एकलिंगजी पहुंचा जा सकेगा। इससे निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन से मंदिर तक जाने का विकल्प भी मिलेगा।