उदयपुर

उदयपुर : धुएं-बदबू से आक्रोशित लोगों ने बंद किया डंपिंग यार्ड का गेट

बलीचा डंपिंग यार्ड में कचरा जलने से उठते धुएं और बदबू के विरोध में रविवार सुबह क्षेत्रवासियों ने गेट बंद कर कचरा गाड़ियों की आवाजाही रोक दी। लोगों ने श्वास संबंधी बीमारियों और मृत मवेशियों से फैलती बदबू पर चिंता जताते हुए स्थायी समाधान की मांग की। उपमहापौर दिनेश भट्ट ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया। क्षेत्रवासियों ने सात दिन में समस्या दूर नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
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Oct 12, 2026
balicha dumping ground protest
यार्ड के बाहर प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।

उदयपुर. बलीचा स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा जलने से उठने वाले धुएं और असहनीय बदबू से आक्रोशित लोगों ने रविवार सुबह विरोध प्रदर्शन करते हुए यार्ड का गेट बंद कर दिया। सुबह 8 बजे से कचरा परिवहन करने वाली गाड़ियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।

लोगों ने कहा कि यार्ड में आए दिन कचरा जलाकर नष्ट किया जा रहा है। इससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही कई लोगों को श्वास संबंधित बीमारियां भी होने लगी है। कुछ लोग, जिनको अस्थमा है, इससे उनकी हालत काफी खराब हो जाती है। यहां कचरे के साथ मृत मवेशी भी डाले जा रहे हैं, इससे उठती बदबू भी परेशानी का कारण बनी हुई है।

प्रदर्शन के दौरान नगर निगम की ओर से उपमहापौर दिनेश भट्ट और सीआई मांगीलाल डांगी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने धुएं और बदबू की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया। नगर निगम कर्मचारियों का कहना है कि यार्ड में कचरा बीनने वाले आग लगा देते हैं, जबकि मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि निगम के कर्मचारी ही कचरे में आग लगा रहे हैं। लोगों ने कहा कि कचरा जलाने पर भी रोक लगाई जाए, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को स्थायी राहत मिल सके।

उपमहापौर ने स्थानीय प्रतिनिधिमंडल को सोमवर को नगर निगम आकर मिलने को कहा। वहां आयुक्त, महापौर और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके समाधान निकालने की बात पर लोग माने। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि सात दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

1100 फ्लैट तक पहुंच रहा धुआं

क्षेत्र के आनंद यादव ने बताया कि डंपिंग यार्ड से करीब 200 मीटर दूर मुख्यमंत्री आवास योजना के 1100 फ्लैट हैं। यार्ड में कचरा जलाने से यहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों ने वर्ष 2021 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर की थी। इसके बाद करीब दो साल तक यहां कचरा जलाना बंद रहा, लेकिन फिर से कचरा जलाया जाने लगा। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा तो नगर निगम के अधिकारियों ने वहां झूठा शपथ पत्र पेश किया।

पहले भी होती रही शिकायतें

मामले को लेकर पहले भी कई बार आसपास के लोगों ने नगर निगम को बदबू और कचरे में आग लगाने की शिकायत की है। यहां कचरे के पहाड़ बने हुए हैं। इस कचरे का नियमानुसार निस्तारण नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। वहीं कचरा डालने वाले डंपर भी इस ढेर में आए दिन फंसते रहते हैं। गत दिनों भी नगर निगम की जेसीबी खराब होने से यहां पूरे दिन कचरा नहीं डाला जा सका।

समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाएगा

डंपिंग यार्ड में शनिवार रात को किसी ने कचरा जलाया था, जिससे लोगों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय पार्षद सोहन गमेती मौके पर पहुंचे थे। रविवार सुबह आसपास के लोगों ने यार्ड का गेट बंद कर दिया। इस पर वे मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की। उन्होंने बताया कि लोगों को सोमवार को नगर निगम बुलाया गया है, जहां अधिकारियों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

- दिनेश भट्ट, उपमहापौर, नगर निगम

Updated on:
12 Oct 2026 06:17 pm
Published on:
12 Oct 2026 06:17 pm