उदयपुर के अंबामाता थाना क्षेत्र में बीजेपी एससी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष कैलाश निमावत के घर चोरी के छह दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। सीसीटीवी में संदिग्ध दिखे, अलमारी की चाबी भी ले गए। बढ़ती वारदातों से कॉलोनी में दहशत का माहौल है।
उदयपुर: झीलों की नगरी में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अंबामाता थाना क्षेत्र की एकलव्य कॉलोनी में बीजेपी एससी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और पुलिस की सीएलजी समिति के सदस्य कैलाश निमावत के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।
घटना 21 फरवरी की रात की है। बीजेपी नेता कैलाश निमावत का परिवार ग्राउंड फ्लोर पर सो रहा था, तभी चोरों ने फर्स्ट फ्लोर के कमरों को निशाना बनाया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध चोर बाइक पर रेकी करते और फिर घर में घुसते साफ नजर आ रहे हैं। चोरों ने ऊपर के कमरों से 3000 नकद और पूजा का सामान पार कर दिया।
पीड़ित कैलाश निमावत ने बताया कि चोर जाते-जाते अलमारी की चाबी भी साथ ले गए। उस अलमारी में 20,000 नकद, सोने-चांदी के आभूषण, कीमती कैमरा और महंगी घड़ियां रखी हुई हैं। चाबी गायब होने के कारण परिवार पिछले 6 दिनों से अलमारी नहीं खोल पाया है। निमावत का कहना है कि पुलिस को मौके पर आकर जांच करनी चाहिए, इसलिए उन्होंने अभी तक अलमारी के साथ छेड़छाड़ नहीं की है।
हैरानी की बात यह है कि सत्ताधारी दल के नेता और खुद पुलिस की शांति समिति के सदस्य होने के बावजूद कैलाश निमावत को थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
वहीं, दूसरी ओर अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ का कहना है कि हमें लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। टीम को मौके पर भेजा गया था। जल्द ही एफआईआर दर्ज कर ली जाएगी। पीड़ित जब थाने आए थे, तब मेरी उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी।
एकलव्य कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। सीसीटीवी में चोरों के चेहरे दिखने के बावजूद पुलिस की सुस्ती अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है। अब देखना यह है कि खाकी अपनी साख बचाने के लिए कब तक एफआईआर दर्ज कर चोरों को सलाखों के पीछे भेजती है।