उदयपुर में बीजेपी नेत्री वीडियो, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। दो पदाधिकारी दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मिले। वहीं, हनुमान बेनीवाल ने कहा, वीडियो सामने आया तो पूरी पार्टी बेनकाब होगी।
Udaipur BJP Leader Video Row: बीजेपी नेत्री के वीडियो, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के चर्चित प्रकरण ने अब राजनीतिक रंग और गहरा कर लिया है। पुलिस स्तर पर जांच की रफ्तार ठंडी पड़ी तो वहीं, सियासी हलकों में हलचल तेज है।
ताजा घटनाक्रम में दो भाजपा पदाधिकारी दिल्ली पहुंचकर दो केंद्रीय मंत्रियों से मिले। उन्होंने पूरे मामले पर 'बचाव की रणनीति' को लेकर चर्चा की और विरोधी खेमे पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
दिल्ली दौड़ को लेकर चर्चा इसलिए भी बनी रही, क्योंकि उसी समय अजमेर में पीएम मोदी की सभा के लिए उदयपुर से कार्यकर्ताओं को ले जाने की तैयारियां थीं। लेकिन दो नेताओं का अजमेर के बजाय दिल्ली जाना अलग संदेश दे गया।
माना जा रहा है कि नेताओं ने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष शिकायत रखी कि विरोधी खेमा और उदयपुर भाजपा के तथाकथित संरक्षक की ओर से वीडियो कांड को हाइलाइट किया जा रहा है।
इधर, होली के अवसर पर उदयपुर भाजपा के तथाकथित संरक्षक के रविवार को शहर पहुंचने की चर्चा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर पार्टी नेतृत्व वीडियो कांड को लेकर रणनीतिक मंथन कर सकता है। कई नेता उनके आगमन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि आगे की दिशा तय की जा सके।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 'उदयपुर फाइल्स' का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। सदन में उनके बोलते समय सन्नाटा छाया रहा और सामान्यतः विरोध करने वाले भाजपा विधायक भी विरोध नहीं कर सके। सूत्रों का कहना है कि उस समय सदन में दो ऐसे नेता भी मौजूद थे, जो केंद्र सरकार से जुड़े हैं।
शुक्रवार को जूली की माता के निधन की खबर आई। राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि वीडियो कांड में घिरे नेताओं ने इसे संभावित राहत के रूप में देखा। सोशल मीडिया पर जूली की माता के निधन की खबर साझा करते हुए संकेत देने की कोशिश भी बताई जा रही है कि शोक की स्थिति में नेता प्रतिपक्ष आक्रामक खुलासा नहीं कर पाएंगे।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस प्रकरण को लेकर असमंजस में हैं। अजमेर में प्रधानमंत्री की रैली की व्यस्तताओं के बीच कार्रवाई पर स्पष्ट संकेत नहीं मिल पाए। एक अन्य सूत्र का दावा है कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में निर्णय के लिए पांच दिन का समय मांगा है। इसके बाद पार्टी कार्रवाई के नतीजे पर पहुंचेगी।
रालोपा के संस्थापक पूर्व मंत्री हनुमान बेनीवाल ने भी भाजपा की उदयपुर फाइल्स को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वीडियो सामने आने पर पूरी भारतीय जनता पार्टी नंगी हो जाएगी। उन्होंने उदयपुर के साथ ही प्रदेशस्तरीय नेताओं के भी घेरे में आने की बात कही।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो उनके पास भी पहुंचने वाला है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस की और से सौदेबाजी करने की भी बात कही। उन्होंने मामले को हवा देने में भाजपा ने पूर्व नेताओं की भूमिका का भी उल्लेख किया।