उदयपुर

उदयपुर की कार का जयपुर में कट गया चालान, एक नंबर की थीं 2 कारें, मैसेज मिलते ही चौंका असली मालिक

उदयपुर के व्यक्ति की कार का जयपुर में गलत ई-चालान कट गया। जांच में सामने आया कि उसी नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर दूसरी कार चल रही है। मॉडल मिलान न करने पर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई।
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Apr 10, 2026
Udaipur Car Fined in Jaipur Duplicate Number Plate Scam Surfaces as Owner Shocked by E-Challan Alert
एक नंबर की दो कारें, फर्जी का चालान, असली मालिक को भरना पड़ा (फोटो- पत्रिका)

उदयपुर: फोटो आधारित चालान की चूक के साथ ही पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उदयपुर निवासी एक व्यक्ति की कार का चालान जयपुर में कट गया, जबकि उसकी कार वहां गई ही नहीं थी।

चालान भरने की प्रक्रिया की तो खुलासा हुआ कि उसी नंबर की एक दूसरी कार जयपुर में चल रही है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई है। फोटो और चालान में कार के मॉडल का मिलान नहीं करने की चूक जयपुर पुलिस की ओर से की गई।

चालान भरते समय पता चला फर्जीवाड़ा

ए ब्लॉक सेक्टर-14 निवासी निवासी पीयूष कोठरी पुत्र अरुण कोठारी ने सवीना थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि उसके पास मारुति बलेनो अल्फा कार है, जिसका नंबर आरजे 27 सीजे 10808 है। कोई व्यक्ति इसी नंबर का इस्तेमाल अन्य कार पर कर रहा है। इस बात का पता उस समय चला, जब 200 रुपए का चालान जमा कराने के लिए ई-मित्र से डिटेल निकाली गई।

क्रेटा कार पर भी बलेनो कार का नंबर

चालान जो मॉडल दर्ज किया गया है, वह फोटो में नहीं है। हुंडई क्रेटा कार पर भी बलेनो कार का नंबर लगा हुआ है। संदेह है कि फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का उपयोग किसी अनैतिक गतिविधि में किया जा रहा है। ऐसे में तुरंत जांच की जाए और उस कार को जब्त किया जाए, जिस पर फर्जी नम्बर प्लेट लगी है।

यह बड़ी चूक का उदाहरण

यह मामला यातायात पुलिस के ई-चालान सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है, जहां केवल नंबर प्लेट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि वाहन के मॉडल और अन्य पहचान की पुष्टि नहीं की जा रही। इस तरह की चूक से न सिर्फ निर्दोष लोगों को परेशानी होती है, बल्कि फर्जी नंबर प्लेट के जरिए अपराधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

फरवरी में मिला था चालान

पीड़ित कोठारी के पास चार फरवरी को जयपुर पुलिस की ओर ऑनलाइन चालान कटना जानकारी में आया। इसे भूल मानकर चालान जमा नहीं कराया। रिमाइंडर मैसेज मिला तो भुगतान किया।

अरुण कोठारी इस बात से हैरान थे कि उनकी कार जयपुर गई ही नहीं, फिर जयपुर का चालान कैसे कट गया। उदयपुर यातायात पुलिस से संपर्क किया, लेकिन राहत नहीं मिली। उन्हें जयपुर यातायात पुलिस में संपर्क करने की सलाह दी।

पहले भी सामने आ चुके मामले

पुलिस की ओर से वाहन नंबर दर्ज करने में की जा रही लापरवाही का खमियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उदयपुर में पिछले दिनों कार सवार एडवोकेट को हेलमेट संबंधी चालान का मैसेज मिला। एडवोकेट ने तो यातायात पुलिस से गलती सुधरवा ली, लेकिन जयपुर पुलिस की ओर से चालान कटने और उसमें भी चूक करने की पीड़ा उदयपुर का व्यक्ति भुगत रहा है।

Updated on:
10 Apr 2026 10:25 am
Published on:
10 Apr 2026 10:25 am