Udaipur News: उदयपुर में दिव्यांग महिला 18 साल तक पेट्रोल पंप चलाने के बाद अब उसे वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है, संभागीय आयुक्त ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। पढ़िए पूरी खबर।
Udaipur News: जीवनयापन का एकमात्र सहारा बना पेट्रोल पंप ही जब हाथ से निकल जाए और उसे वापस पाने के लिए महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह किसी भी व्यक्ति के लिए पीड़ादायक स्थिति होती है। जिले की 80 प्रतिशत दिव्यांग महिला इन दिनों इसी संघर्ष से गुजर रही है। अपने अधिकार के पेट्रोल पंप को वापस पाने के लिए वह लगातार अधिकारियों के पास गुहार लगा रही है, पर पांच महीने बीतने के बावजूद अब तक उसे राहत नहीं मिल पाई है।
महिला का कहना है कि उसने मजबूरी में पेट्रोल पंप का संचालन अस्थायी रूप से कंपनी को सौंपा, लेकिन अब जब वह इसे वापस लेना चाहती है तो संबंधित अधिकारी लगातार मामले को टाल रहे है। इससे उसके परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के टीडी गांव स्थित अजारिया फिलिंग स्टेशन की संचालक रीना अजारिया को सरकार ने वर्ष 2003 में दिव्यांग श्रेणी के तहत इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से पेट्रोल पंप आवंटित किया प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। संभागीय आयुक्त कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गया। महिला ने लगभग 18 वर्षों तक इस पेट्रोल पंप का संचालन किया और इससे अपने परिवार का भरण-पोषण किया।
महिला का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से मिल चुकी है, पर हर बार नई प्रक्रिया या इंतजार का हवाला देकर टाल दिया जाता है। इससे परेशान होकर उसने संभागीय आयुक्त कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। संभागीय आयुक्त कार्यालय ने इस मामलेे को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।
महिला ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और आर्थिक परिस्थितियों के कारण उसने 20 मार्च 2025 को कंपनी की हॉलिडे स्कीम के तहत पेट्रोल पंप का संचालन अस्थायी रूप से कंपनी को सौंपने के लिए आवेदन किया। उस समय कंपनी अधिकारियों ने उसे आश्वस्त किया था कि जब भी वह पंप वापस लेना चाहेगी, केवल एक आवेदन देने के बाद एक माह के भीतर संचालन वापस सौंप दिया जाएगा।
महिला का आरोप है कि उसने 3 नवंबर 2025 से लगातार आवेदन और आवश्यक दस्तावेज संबंधित बिक्री अधिकारी को जमा करा दिए, फिर भी पांच महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उसे पेट्रोल पंप वापस नहीं दिया गया।