उदयपुर

Udaipur Files : भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो कांड पर सियासत गरम, कांग्रेस सक्रिय-BJP असहज, जानें पूरा अपडेट केस

Udaipur Files : राजस्थान के उदयपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के मामले को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ा हुआ है। वीडियो कांड पर सियासत गरम है। कांग्रेस जहां सक्रिय है वहीं भाजपा असहज है। आरोपी विशाल गुर्जर की रिमांड 2 दिन और बढ़ा दिया गया है। जानें पूरा मामला।

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फोटो पत्रिका

Udaipur Files : भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के मामले को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ा हुआ है। प्रकरण सामने आने के बाद से राजनीतिक हलचल नहीं थमी है। पूरा खेल भाजपा से ही जुड़ा होने से संगठन में गहरी चिंता है। ऐसे में जयपुर और दिल्ली स्तर पर भी पूछताछ का दौर जारी है। इधर, मेवाड़-वागड़ दौरे पर आई पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी स्थानीय नेताओं से उदयपुर में चल रहे घटनाक्रम की जानकारी ली।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पार्टी स्तर पर संगठनात्मक समीक्षा की जा रही है। मामला उजागर होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक नुकसान की आशंका को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पिछले एक सप्ताह से संगठन के पदाधिकारी बैठकों में जुटे हैं।

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आशंका है कि आगामी नगर निगम और पंचायतीराज चुनावों में विपक्ष इस मुद्दे को आक्रामक ढंग से उठा सकता है। शुक्रवार को भी पार्टी कार्यालय पर बैठक हुई, जिसमें जिलास्तरीय और मंडलस्तरीय पदाधिकारी की ही मौजूदगी रही।

कांग्रेस सक्रिय, भाजपा असहज

कांग्रेस ने भी शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है। विभिन्न मंचों पर सरकार और स्थानीय नेतृत्व को घेरने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इससे शहर की राजनीति में असहजता का माहौल बना हुआ है।

राजनीतिक असर की पड़ताल

1- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी व्यापक है।
2- चुनावी वर्ष के नजदीक आते ही ऐसे मामलों का असर स्थानीय समीकरणों पर पड़ सकता है। इसी कारण दोनों प्रमुख दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
3- भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुटी है, वहीं कांग्रेस मुद्दे को भुना रही है। अब मामला केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का भी विषय बना रहा है।

मंशा : वीडियो का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव के लिए

जमानत खारिज करने संबंधी आदेश में भी सामने भी तथ्य सामने आए हैं। केस डायरी के मुताबिक आरोपी विशाल ने भी पूछताछ में इस बात का जिक्र किया था कि उसने पीड़िता की वीडियो राजनीतिक दबाव में इस्तेमाल के लिए करना चाहता था। साथ ही वह धोखाधड़ी का केस रफा दफा करवाने के लिए दबाव बनाना चाहता था।

रिमांड दो दिन और बढ़ा

आरोपी विशाल गुर्जर को भूपालपुरा थाना पुलिस ने अगस्त 2025 में दर्ज धोखाधड़ी के केस में गिरफ्तार करके 2 दिन रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को पुन: कोर्ट में पेश किया, जहां से 2 दिन का रिमांड बढ़ा दिया गया है।

क्यों बढ़ाना पड़ा रिमांड

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी से धोखाधड़ी केस में पूछताछ की जा रही है। हालांकि अब तक भी वह राज नहीं उगल रहा है। ऐसे में पुलिस को दो दिन रिमांड मांगना पड़ा। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लेनदेन और संपर्कों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

यह है पूरा मामला

उदयपुर में वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार से जुड़ा मामला 12 फरवरी को चर्चा में आया था। भाजपा नेत्री की ओर से दर्ज कराए गए केस में अधिवक्ता विशाल गुर्जर पर आरोप लगाया गया था। आरोप लगाया कि आरोपी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया। फिर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए।

वहीं पीड़िता के परिचितों के साथ भी आपत्तिजनक वीडियो एआई से जनरेट कर दिए। आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने और पुराने केस को रफा दफा कराने के लिए राजनीतिक दबाव बनाने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने पहले आरोपी को भाजपा नेत्री वाले केस में गिरफ्तार करके जेल भेजा, वहीं बाद में धोखाधड़ी के 6 माह पुराने केस में गिरफ्तार किया।

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Published on:
21 Feb 2026 08:58 am
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