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Mangla Pashu Bima Yojana : राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना में नया अपडेट, पशुपालक चूके तो हो जाएगा ₹40 हजार का नुकसान

Mangla Pashu Bima Yojana : राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशुपालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण शुरू हो गया है। चूके नहीं पशुपालक तुरंत मंगला पशु बीमा योजना में अपना रजिस्ट्रेशन कराएं।

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Mangla Pashu Bima Yojana New Update in Rajasthan If cattle owner misses they loss 40 thousand rupees

फाइल फोटो पत्रिका

Mangla Pashu Bima Yojana : राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार भी जिले में 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है।

राजस्थान सरकार ने छोटे पशुपालकों को पशु हानि से बचाने के लिए मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत पशु पालक 2 बड़े पशु गाय, भैंस अथवा 10 छोटे पशु बकरी भेड़ का निःशुल्क बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियक शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार योजना के तहत पशु के बीमारी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारण से मृत्यु होने जाने पर अधिकतम 40 हजार रुपए की बीमा राशि दी जाती है। लॉटरी में चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करता है। पहले फेज के दौरान भी विभाग को 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य मिला था।

जिसके तहत विभाग ने जिले में लगभग 20 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन इन रजिस्ट्रेशनों में पशु पालकों के गलफत के कारण लगभग 4 से 5 हजार रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए थे। यानी विभाग गत सीजन 16 हजार पशुओं का ही आंकड़ा प्राप्त कर सका था। जिसमें सबसे ज्यादा 15 हजार 383 पंजीयन भैंसों के किए गए थे। इसके बाद 2 हजार 990 गाय, 2 हजार 103 बकरी और 656 भेड़ों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे।

अभी तक 36 प्रतिशत ही कार्य

गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग को 21 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत अभी तक जिले भर में 8,478 पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसमें धौलपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2,073 तो शहरी क्षेत्र में 169 पशुओं का बीमा योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

इसके अलावा राजखेड़ा में ।,266, सैंपऊ में ।,177, सरमथुरा ग्रामीण में 565 तो शहरी में 46, बसेड़ी में 679, बाड़ी में 1063 मनियां में 33 पशुओं का रजिस्ट्रेशन सहित टोटल 7 हजार 71 पशुओं के पंजीयन कराया गया हैं। देखा जाए तो अभी तक लगभग 36 प्रतिशत ही कार्य हो सका है।

मार्च 2026 तक रखी है समय सीमा

शासन ने योजना के तहत लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च तक की समय सीमा रखी है। समय सीमा को देखते हुए पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमा ही लग रहा है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लक्ष्य हासिल नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को फिर बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि विभाग लक्ष्य को हासिल कर सके।

गत वर्ष शुरू हुई मंगला पशु बीमा योजना

राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत गत वर्ष की थी। मंगला पशु बीमा योजना में पशु की अकाल मृत्यु पर जनाधार कार्डधारक पशुपालक को बीमा क्लेम के रूप में 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भी नहीं देना होता है यानी योजना निःशुल्क है।

मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ

मंगला पशु बीमा योजना द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया है। पहले चरण की तरह इस चरण में भी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके।
डॉ. संतराम मीणा, संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सालय धौलपुर