
Udaipur BJP : नगर निगम चुनाव के बाद उदयपुर भाजपा में अंदरूनी कलह और गुटबाजी खुलकर सतह पर आ गई है। वार्ड-1 के बाद अब वार्ड-3 से भाजपा के अधिकृत पार्षद प्रत्याशी गिरीश श्रीमाली ने पार्टी के ही पूर्व मंडल अध्यक्ष व नवनिर्वाचित पार्षद अतुल चंडालिया सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भीतरघात और पार्टी प्रत्याशी को हराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। गिरीश श्रीमाली ने चुनाव प्रभारी राजेंद्र राठौड़ को शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मंडल अध्यक्ष अतुल चंडालिया ने निर्दलीय प्रत्याशी के साथ मिलीभगत कर चुनाव हरवाने का काम किया। आरोप है कि अतुल चंडालिया ने अपने कार्यकाल में नियुक्त शक्ति केंद्र प्रभारियों, वार्ड अध्यक्षों, बूथ अध्यक्षों व पन्ना प्रमुखों के जरिए खुलेआम निर्दलीय के पक्ष में प्रचार करवाया। इतना ही नहीं, निर्दलीय प्रत्याशी को फंड देकर मजबूती से चुनाव लड़ाया गया और निर्दलीय के कैंप में भोजन के पैकेट तक अपने स्तर से भिजवाए गए।
1- फंडिंग की गई: निर्दलीय प्रत्याशी को आर्थिक सहायता देकर चुनाव मैदान में मजबूती से उतारने का आरोप।
2- बदमाशों का इस्तेमाल: वार्ड के बदमाशों के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं में भय पैदा करने का आरोप।
3- संगठनों पर प्रभाव: अखाड़ों, संगठनों व उत्सव समितियों को आर्थिक मदद देकर निर्दलीय के पक्ष में किया।
शिकायत पत्र में शक्ति केंद्र प्रभारी व बूथ अध्यक्ष खेमराज कुम्हार, वार्ड अध्यक्ष नवलराम कुमावत, बूथ अध्यक्ष जगदीश पंवार, पुष्कर कुमावत, रतन पारिख, मोहन सिंह राठौड़, पार्षद प्रत्याशी रहे प्रदीप जैन व प्रदीप कुमावत के नाम शामिल हैं। साथ ही जिला मंत्री तुषार मेहता पर टिकट न मिलने पर पदाधिकारियों को भड़काने और पूर्व महामंत्री सुधीर कुमावत पर चुनाव में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।
मुझ पर किसी तरह का आरोप साबित होता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। अगर सिद्ध नहीं हो तो शिकायतकर्ता प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे। खुद का ठिकरा दूसरों पर फोड़ना जायज नहीं है। शिकायत कहीं पर भी दे सकते हैं। मैं कई साल से पार्टी की सेवा कर रहा हूं। मुझे पार्टी कहेगी तो उचित जवाब दूंगा। आरोपी झूठे हैं, वे खुद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
अतुल चंडालिया, नवनिर्वाचित पार्षद