उदयपुर

9 इंच लोहा सीने में आर-पार! उदयपुर के डॉक्टरों ने किया कमाल, भीलवाड़ा युवक मौत के मुंह से लौटा

उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से जुड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 9 इंच लोहे का पाइप सीने में घुसने से घायल युवक की जटिल सर्जरी कर जान बचाई गई। डॉक्टरों ने फेफड़े और रक्त वाहिकाओं की मरम्मत कर सफल ऑपरेशन किया।

2 min read
Apr 28, 2026
RNT Medical College, Udaipur
RNT मेडिकल कॉलेज कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी और टीम ने ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई (फोटो-पत्रिका)

उदयपुर: आरएनटी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग ने जटिल ऑपरेशन कर 32 वर्षीय युवक की जान बचाई। एक हादसे में भीलवाड़ा जिला निवासी युवक सीने के आर-पार घुसे नौ इंच लंबे एल शेप के पाइप के कारण गंभीर रूप से घायल था।

बता दें कि घटना शुक्रवार की है। जब युवक बाइक से ट्रक के पीछे चल रहा था। इसमें टेंट निर्माण में उपयोग होने वाले लोहे के पाइप लदे थे। अचानक ट्रक के ब्रेक लगाने पर पाइप खिसककर युवक के सीने में घुस गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे अस्पताल लाया गया।

सीटी स्कैन में पता चला, चोट गंभीर

रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुशल गहलोत द्वारा किए गए सीटी स्कैन में दिखा कि पाइप पसलियों को तोड़ते हुए फेफड़े को चीरकर सीने के ऊपरी हिस्से से गर्दन तक पहुंच गया था। इस दौरान सबक्लेवियन आर्टरी और वेन जैसी प्रमुख रक्त वाहिकाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे छाती में भारी रक्तस्राव और हीमोथोरेक्स की स्थिति बन गई थी।

फेफड़े की मरम्मत, टूटी पसलियां बनाई

कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में मरीज को तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। टीम ने सर्जरी करते हुए एल आकार का 9 इंच लंबा लोहे का पाइप शरीर से बाहर निकाला। इसके बाद डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं की वैस्कुलर रिपेयर, फेफड़े की मरम्मत और टूटी पसलियों का पुनर्निर्माण किया।

ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. उदिता नैथानी और डॉ. महेश सोमानी ने मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। सर्जिकल टीम में डॉ. गिरीश, डॉ. ज्योतिंद्र सहित नर्सिंग अधिकारी संतोष पुरी गोस्वामी और ओटी-आईसीयू स्टॉफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से रिकवर कर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, वह सामान्य आहार लेने में सक्षम है।

प्रिंसिपल ने दी बधाई, डॉक्टरों की अपील

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डॉक्टरों ने आमजन से अपील की है कि ऐसे मामलों में शरीर में घुसी हुई वस्तु को स्वयं निकालने का प्रयास न करें और तुरंत मरीज को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाएं।

Published on:
28 Apr 2026 01:39 pm