उदयपुर में बिना लाइसेंस हेयर ट्रांसप्लांट के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्त हुआ। मेडिकल स्टूडेंट के चेहरे झुलसने की शिकायत पर CMHO डॉ. अशोक आदित्य ने जांच टीम बनाई।
उदयपुर: शहर में बिना लाइसेंस संचालित निजी क्लिनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने एक निजी क्लीनिक सेरविक एस्थेटिक के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद विशेष जांच दल का गठन किया है।
बता दें कि गीतांजली मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिकल स्टूडेंट डॉ. सोनम जोशी ने विभाग को एक शिकायती पत्र सौंपा था। शिकायत के अनुसार, निजी क्लीनिक बिना किसी वैध लाइसेंस के अवैध रूप से हेयर ट्रांसप्लांट कर रहा है।
एक अन्य शिकायत में डॉ. जोशी ने क्लीनिक पर लेजर ट्रीटमेंट के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। इससे उन्हें बर्न इंजरी हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्रीटमेंट में गड़बड़ी के बाद जब उन्होंने रिफंड की मांग की, तो क्लीनिक प्रबंधन ने न केवल रिफंड देने से मना कर दिया, बल्कि उन्हें ब्लैकलिस्ट भी कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने आदेश जारी कर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश शर्मा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रणव भावसार, नर्सिंग ऑफिसर ललिता पूर्बिया, जिला कार्यक्रम समन्वयक शरद पाटीदार चार सदस्यीय टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
जांच टीम को निर्देशित किया है वे क्लिनिक के दस्तावेजों, लाइसेंस की स्थिति और उपचार की गुणवत्ता की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट सीएमएचओ कार्यालय को प्रस्तुत करें।
राज्य सरकार ने अंडों के अवैध खरीद-बेचान की सूचनाओं पर उदयपुर के दो आईवीएफ सेंटर के पंजीकरण निलंबित कर कर दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य स्तर पर एआरटी एवं सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया।
उदयपुर जिले में पंजीकृत सभी आईवीएफ सेंटर्स की गहन जांच के लिए तीन अलग-अलग टीम का गठन कर औचक निरीक्षण कराया गया।
टीम ने उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर का निरीक्षण कर एआरटी बैंक, एआरटी क्लिनिक (लेवल-2) एवं सरोगेसी क्लिनिक से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।
दस्तावेजों में गंभीर कमियां पाए जाने पर एआरटी बैंक, एआरटी क्लिनिक, सरोगेसी क्लिनिक और सम्पत एआरटी बैंक, उदयपुर के पंजीकरण को अग्रिम आदेशों तक निलंबित किया गया है। शेष आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है।