उदयपुर

लाश को पत्थरों से कुचला, ऊपर कंटीली झाड़ियां डाल दी: उदयपुर के बहुचर्चित हत्याकांड में पति-पत्नी और साथी को उम्रकैद

उदयपुर के बेड़वास निवासी किशोर कुमार शर्मा की 2021 में हत्या कर शव सराड़ा के नठारा जंगल में फेंकने और ATM से 60 हजार रुपए निकालने के मामले में सलूंबर जिला सेशन कोर्ट ने दंपती समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद व 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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Updated: 21 Jul 2026, 9:44 AM IST
Udaipur Murder Case
उदयपुर के बहुचर्चित हत्याकांड में पति-पत्नी और साथी को उम्रकैद (सांकेतिक तस्वीर एआई)

उदयपुर: सलूंबर के जिला एवं सेशन न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी की अदालत ने पांच साल पुराने और चर्चित हत्या, लूट व साक्ष्य मिटाने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने साल 2021 में उदयपुर से अगवा कर सराड़ा थाना क्षेत्र के नठारा जंगल में हुई एक व्यक्ति की नृशंस हत्या के जुर्म में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। इन दोषियों में एक दंपती भी शामिल है। अदालत ने इन तीनों अपराधियों को उम्रकैद की सख्त सजा सुनाने के साथ-साथ आर्थिक दंड से भी दंडित किया है।

क्या था पूरा घटनाक्रम?

अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उदयपुर के बेड़वास इलाके के रहने वाले 58 वर्षीय मृतक किशोर कुमार शर्मा की 13 अगस्त 2021 को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना वाले दिन किशोर कुमार अलसुबह करीब 4 बजे घर से उदियापोल रोडवेज बस स्टैंड के लिए निकले थे। जब वे देर रात तक वापस अपने घर नहीं लौटे, तो उनके चिंतित परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसके बाद उनके पुत्र लोकेश शर्मा ने उदयपुर के सूरजपोल थाने में पिता की गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई।

जंगल में मिला था शव, साक्ष्य मिटाने की कोशिश

पुलिस और परिजनों द्वारा लगातार की जा रही तलाश के बीच, तीन दिन बाद उदयपुर से लगभग 70 किलोमीटर दूर सराड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नठारा के घने जंगलों में उनका शव बरामद हुआ। पुलिस की गहन जांच में यह खौफनाक सच सामने आया कि आरोपियों ने एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किशोर कुमार की हत्या की थी। पहचान छिपाने और साक्ष्य नष्ट करने के इरादे से आरोपियों ने शव को बड़े-बड़े भारी पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था और उसके ऊपर कंटीली झाड़ियां डाल दी थीं।

लूट के इरादे से दिया वारदात को अंजाम

जांच-पड़ताल में यह भी सामने आया कि यह पूरी वारदात मुख्य रूप से लूट के इरादे से की गई थी। हत्यारों ने मृतक किशोर कुमार शर्मा का एटीएम कार्ड लूट लिया था और उसका इस्तेमाल करके बैंक खाते से 60 हजार रुपए की नकदी भी निकाल ली थी।

इस जघन्य अपराध को लेकर न्यायालय में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रणजीत पूर्बिया ने मजबूती से पैरवी की। मामले को अदालत में साबित करने के लिए कुल 26 गवाहों के महत्वपूर्ण बयान दर्ज कराए गए और 106 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

पुख्ता सबूतों के आधार पर जिला सेशन न्यायाधीश ने हत्या, लूट और साक्ष्य नष्ट करने के गंभीर आरोपों में जावरमाइंस थाना क्षेत्र के सरसिया निवासी नरेश उर्फ नथूलाल मीणा, उसकी पत्नी काली उर्फ काजल मीणा, तथा पया तलाई बनोड़ा के रहने वाले दौलतराम मीणा को पूरी तरह से दोषी माना। अदालत ने तीनों अपराधियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

Updated on:
21 Jul 2026, 9:44 AM IST
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