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जयपुर नीरज शर्मा मर्डर केस: मृतका के भाई का बड़ा दावा, बताया मां की कातिल आयुषी की पहली कॉल का सच

Jaipur Neerja Sharma Murder: जयपुर के नीरज शर्मा मर्डर केस में मृतका के भाई राकेश शर्मा ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पहली कॉल में आयुषी की आवाज में न घबराहट थी, न आंसू। संपत्ति विवाद, दस्तावेज और बलराम से संपर्क ने पहले ही हत्या का शक पैदा कर दिया था।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 20 Jul 2026, 4:31 PM IST

Jaipur Neerja Sharma Murder Case Update

Jaipur Neerja Sharma Murder Case (Patrika Photo)

Jaipur Neerja Sharma Murder Case Update: जयपुर के प्रताप नगर में हुए चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 4 जुलाई को जिस घटना को एक साधारण सड़क हादसा समझा जा रहा था, वह असल में एक सोची-समझी और खौफनाक साजिश निकली। पुलिस जांच में हत्या की इस साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अब मृतक के भाई राकेश शर्मा ने कई बड़े दावे किए हैं, जिन्होंने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।

पहली ही कॉल से क्यों हुआ हत्या का शक?

मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने बताया कि घटना की खबर मिलते ही उनके मन में शक का बीज बो दिया गया था। उन्हें शुरुआत से ही लग रहा था कि यह केवल एक्सीडेंट नहीं है। राकेश के अनुसार, घटना वाले दिन उन्हें आयुषी का फोन आया। उसने सिर्फ इतना कहा कि नीरज की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। इतनी बड़ी दुखद खबर देने के बाद भी आयुषी की आवाज में जरा सी भी घबराहट, डर या रोने की आवाज नहीं थी। उसकी बात में कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया महसूस नहीं हुई।

इतनी बड़ी घटना के बाद भी आयुषी ने राकेश या परिवार के अन्य सदस्यों से दोबारा कोई संपर्क करने की कोशिश नहीं की। यही वह पहला मोड़ था, जिसने परिवार के शक को गहरा कर दिया।

संपत्ति और कागजातों को लेकर पुराना विवाद

राकेश शर्मा ने खुलासा किया कि संदेह सिर्फ फोन कॉल तक सीमित नहीं था। घर में पहले से ही संपत्ति और जरूरी दस्तावेजों को लेकर खींचतान चल रही थी। राकेश का दावा है कि आयुषी पर परिवार के बेहद महत्वपूर्ण कागजात और नकदी अपने साथ ले जाने के गंभीर आरोप थे।

पिता के निधन के बाद मिलने वाले जीपीएफ, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य कानूनी व सेवा लाभों पर पूरी तरह अकेले अधिकार जमाने के लिए कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गई थीं। इन पुरानी रंजिशों और विवादों के कारण परिवार को पहले से ही अनहोनी का अंदेशा था।

बलराम के प्रभाव से बदला व्यवहार

राकेश शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि दिसंबर 2024 के बाद से आयुषी का व्यवहार अचानक और पूरी तरह बदल गया था। बलराम नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद आयुषी के फैसले और सोच पूरी तरह उसके प्रभाव में आ गए थे। उसने धीरे-धीरे अपने ही परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।

इसके अलावा, नीरज के पति की मृत्यु के बाद उनके निजी सामान जैसे मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य वस्तुओं को भी कथित तौर पर अपने कब्जे में ले लिया गया था। नियमों को ताक पर रखकर मोबाइल नंबर को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया था। राकेश ने इन सभी गैर-कानूनी गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कैसे हुआ सड़क हादसे से हत्या का पर्दाफाश?

4 जुलाई की शाम जयपुर के प्रताप नगर इलाके में 45 वर्षीया नीरज शर्मा को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। शुरुआती देखने में यह मामला तेज रफ्तार गाड़ी से हुआ हादसा लग रहा था। हालांकि, भाई राकेश शर्मा ने तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई और एक्सीडेंट के पीछे हत्या की साजिश की आशंका जताई।

एसीपी हरिशंकर शर्मा के नेतृत्व में जब पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच शुरू की, तो परत-दर-परत सच सामने आने लगा। जांच में साबित हुआ कि यह कोई अनजाने में हुई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि गाड़ी से कुचलकर की गई एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

पुलिस इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, इस पूरी खौफनाक साजिश का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड आयुषी के ताऊ का लड़का बलराम उर्फ रवि अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और फरार चल रहा है।

राकेश शर्मा और उनके परिवार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की हर एक कड़ी को जोड़कर निष्पक्ष जांच की जाए और फरार आरोपी बलराम समेत इस वारदात में शामिल सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।

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