उदयपुर

उदयपुर मेयर चुनाव में BJP की एकतरफा जीत: पारस सिंघवी बने महापौर, जानें कांग्रेस की पूनम कुंवर को कितने मिले वोट

उदयपुर नगर निगम में मेयर पद के लिए वोटिंग पूरी हो गई है। भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ आमने-सामने हैं। 80 पार्षदों में बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी हैं। अब काउंटिंग के बाद नतीजे घोषित होंगे।
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Updated: 21 Sep 2026, 1:28 PM IST
udaipur nagar nigam mayor election
वोटिंग करते हुए बीजेपी पार्षद (पत्रिका फोटो)

Udaipur Mayor Election Result: उदयपुर नगर निगम के 7वें बोर्ड में बीजेपी का बोर्ड बन गया है। बीजेपी के पारस सिंघवी मेयर चुने गए हैं। नगर निगम हॉल में सोमवार को मेयर पद के लिए हुई वोटिंग के बाद काउंटिंग दोपहर 2 बजे से पहले ही पूरी कर ली गई और परिणाम घोषित कर दिया गया। पारस सिंघवी को कुल 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी पूनम कुंवर राठौड़ को 25 वोट मिले। नगर निगम के 80 वार्ड होने के कारण मेयर चुनाव में बहुमत के लिए 41 वोट जरूरी थे। सिंघवी ने बहुमत के आंकड़े से 14 वोट अधिक हासिल किए।

तीन निर्दलीय पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में किया वोट

मेयर चुनाव में बीजेपी के सभी 53 पार्षदों के साथ 3 निर्दलीय पार्षदों ने पारस सिंघवी के पक्ष में मतदान किया। वहीं, कांग्रेस के 23 पार्षदों और माकपा के एक पार्षद ने वोटिंग की। चुनाव से पहले दोनों ही दलों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की थी और सोमवार को पार्षदों को सीधे नगर निगम पहुंचाया गया, जहां मतदान हुआ।

सबसे पहले इन्होंने डाला वोट

मतदान प्रक्रिया शुरू होने पर बीजेपी पार्षद यशवंत आंचलिया सबसे पहले वोट डालने नगर निगम पहुंचे थे। वोटिंग के दौरान सांसद मन्नालाल रावत, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और बीजेपी जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।

बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया समझाई

बता दें कि इससे पहले रविवार को पार्टी पदाधिकारियों ने पार्षदों को बैलेट पेपर से मतदान करने की प्रक्रिया समझाई थी। चुनाव से पहले कांग्रेस ने संख्याबल कम होने के बावजूद बीजेपी के कुछ पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने का दावा किया था। हालांकि, परिणाम में पारस सिंघवी को 55 वोट मिले और उन्होंने स्पष्ट बहुमत के साथ मेयर पद हासिल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी में डिप्टी मेयर पद के लिए दिनेश भट्ट का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

उदयपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर पारस सिंघवी की जीत की औपचारिक घोषणा होते ही बीजेपी खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर और आतिशबाजी कर सिंघवी का स्वागत किया। जीत के बाद पारस सिंघवी ने इसे शहर की जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने उदयपुर के समग्र विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।

जानें कौन हैं पारस सिंघवी?

पारस सिंघवी उदयपुर में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह पांचवीं बार पार्षद चुने गए हैं। छात्रसंघ की राजनीति से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले सिंघवी पिछली बार नगर निगम में डिप्टी मेयर रह चुके हैं। व्यापारिक संगठनों में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हालिया नगर निगम चुनाव में उन्होंने वार्ड नंबर 24 से जीत दर्ज की थी। उदयपुर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं, जिनमें 53 वार्डों पर बीजेपी के पार्षद निर्वाचित हुए थे। ऐसे में मेयर पद के चुनाव में बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत था और सिंघवी का मेयर चुना जाना लगभग तय माना जा रहा था।

पारस सिंघवी को सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर के करीबी नेताओं में माना जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से भी उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। सिंघवी राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। 1990 के दशक में आंदोलन के दौरान उन्होंने लखनऊ से अयोध्या तक पैदल यात्रा की थी।

होटल और ट्रैवल का कारोबार

राजनीति के साथ पारस सिंघवी व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनका ट्रैवल और होटल कारोबार है। उदयपुर में पारस ट्रैवल्स के नाम से उनकी बसें संचालित होती हैं। इसके अलावा उनका पारस होटल भी है। उन्होंने बीकॉम तक शिक्षा हासिल की है। चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 3.69 करोड़ रुपए बताई गई है।

Updated on:
21 Sep 2026, 1:28 PM IST
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