उदयपुर

दोहरा चरित्र… एक जैसे दो मामलों में पुलिस की भूमिका अलग-अलग

उदयपुर में पुलिसकर्मियों से अभद्रता के दो समान मामलों में पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। डूंगला मामले में मंत्री गौतम दक पर केस दर्ज हुआ, जबकि सवीना मामले में रेस्टोरेंट संचालक के बजाय कांस्टेबल पर ही कार्रवाई कर दी गई। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्यशैली और दबाव में फैसले लेने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
2 min read
• •
Updated: 1 Jun 2026, 6:19 PM IST
police case
file photo

उदयपुर. पिछले एक सप्ताह में पुलिस से जुड़े एक जैसे दो घटनाक्रम हुए। एक मामला डूंगला थाने से संबंधित था, जिसमें फोन पर पुलिसकर्मी को धमकाने, अपशब्द बोलने पर मंत्री गौतम दक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। दूसरा घटनाक्रम सवीना थाने का है, जिसमें कैफे संचालक की ओर से कांस्टेबल को कॉल पर धमकाते हुए अपशब्द कहे गए। लेकिन, पुलिस का दोहरा चरित्र देखिए कि रेस्टोरेंट संचालक पर केस दर्ज करने के बजाय उल्टा कांस्टेबल के खिलाफ ही रिपोर्ट बना दी गई।पुलिसकर्मियों को धमकाने के दोनों मामलों में अलग-अलग तरह की कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ बेइज्जती पर पुलिसकर्मी का जमीर जागा तो दूसरी तरफ कांस्टेबल के अपने ही बेवफा क्यों हो गए। क्या सवीना थाना पुलिस ने प्रभावशाली के दबाव में आकर इस तरह का रुख अपनाया है।

यह था मामला

घटना 28 मई रात की है। सवीना थाना क्षेत्र में कांस्टेबल ने रेस्टोरेंट संचालक पर धमकाने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। कांस्टेबल ने इसकी लिखित शिकायत थाने में दी थी। बताया कि गिरिजा व्यास पेट्रोल पंप के आगे मूमल हैरिटेज रेस्टोरेंट गुरुवार देर रात 12 बजे तक खुला था। कांस्टेबल ने रेस्टोरेंट बंद करने को कहा तो संचालक भड़क गया और धमकाने लगा। कांस्टेबल की शिकायत के बाद दबाव की रणनीति शुरू हो गई, जिसने कार्रवाई का तरीका ही बदल दिया। साथी पुलिसकर्मी ही कांस्टेबल से शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे।

कांस्टेबल पर यह कार्रवाई

कांस्टेबल शिव लाल ने परिवाद दिया था कि उसके साथ कैफे संचालक ने कॉल पर बदसलूकी की, जिसे उसने रिकॉर्ड किया। कांस्टेबल से इस बारे में पूछा तो बताया कि वह सिग्मा ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल राजेश लाम्बा के साथ एक्सीडेंट की सूचना पर एकलिंगपुरा गया था। जबकि, शिवलाल की ड्यूटी ईद पर संवेदनशील क्षेत्र में गश्त पर थी। वह उच्चाधिकारी की आज्ञा के बिना ड्यूटी छोड़कर अन्य जगह गया। कांस्टेबल ने ऑडियो रिकॉर्डिंग के बारे में उच्चाधिकारियों को बताने के बजाय मीडिया को उपलब्ध कराई। इसे लापरवाही और अनुशासनहीनता माना।

Updated on:
1 Jun 2026, 6:19 PM IST
Published on: