Udaipur Police: भींडर निवासी एक युवक की ओर से कानोड़ की युवती को भगा ले जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां पुलिस की शिथिल कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है, वहीं मामले के अनुसंधान अधिकारी मिठू सिंह को हटाने की मांग ने भी जोर पकड़ लिया है।
Udaipur Police Missing Girl Case: कानोड़ (उदयपुर): उदयपुर जिले के कानोड़ कस्बे में भींडर निवासी एक युवक द्वारा युवती को भगा ले जाने का मामला अब गंभीर रूप धारण करता जा रहा है। घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया, जब ग्रामीणों ने जांच अधिकारी (IO) पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए मामले के अनुसंधान अधिकारी, हेड कांस्टेबल मिठू सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मिठू सिंह जानबूझकर कार्रवाई में शिथिलता बरत रहे हैं और जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक मिठू सिंह जांच अधिकारी बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है।
इस मामले को लेकर पूर्व पालिका अध्यक्ष अनिल शर्मा और बजरंग सेना प्रमुख बजरंगदास वैष्णव सहित कई सामाजिक संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जांच अधिकारी को नहीं बदला गया और युवती की जल्द बरामदगी नहीं हुई, तो कानोड़ कस्बे को पूर्णतः बंद कर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पूर्व शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में नगरवासियों ने थाने का घेराव कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
भारी जनदबाव के बाद शनिवार को कानोड़ पुलिस हरकत में नजर आई। पुलिस ने कस्बे के विभिन्न स्थानों पर लगे CCTV कैमरों को खंगाला, जिसमें घटना वाली रात युवती के घर वाली गली में एक संदिग्ध कार आती हुई दिखाई दी है।
पुलिस अब इस कार की निशानदेही पर अपनी तहकीकात आगे बढ़ा रही है। हालांकि, विडंबना यह है कि घटना के आठ दिन बाद भी पुलिस लापता युवती का कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है।
पीड़ित परिवार बेहद सदमे में है और पुलिस के उच्च अधिकारियों से केवल एक बार अपनी बेटी से मिलवाने की गुहार लगा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि युवती ने किसी अन्य समाज के युवक के साथ विवाह कर लिया है। लेकिन परिजन और ग्रामीण इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं हैं और पुलिस की इस दलील को जांच से पल्ला झाड़ने का तरीका बता रहे हैं।