उदयपुर

Udaipur : उदयपुर में रिटायर्ड सैन्यकर्मी की सेकंड हैंड जीप की दीवानी हुई जनता, पूछने पर बताया ‘स्पेशल प्लेट्स’ का राज

Udaipur : जोधपुर से लेकसिटी घूमने आए 86 वर्षीय रणवीर सिंह की सेकंड हैंड जीप ने उदयपुर के बाजारों में कौतूहल पैदा कर दिया। सबसे ज्यादा ध्यान जीप के आगे व पीछे लगीं स्पेशल प्लेट्स ने खींचा ।
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Udaipur Retired Army man Ranveer Singh Jeep attract crowd 3 special plate secret reveals
Udaipur : उदयपुर में रिटायर्ड सैन्यकर्मी रणवीर सिंह अपनी सेकंड हैंड जीप के साथ। फोटो पत्रिका

Udaipur : एक ओर जहां देश करगिल दिवस पर शहीदों को याद कर रहा है वहीं लेकसिटी में देशप्रेम की अलग ही बयार बही जो सिर्फ एक दिन की मोहताज नहीं दिखी। कहते हैं देशप्रेम के लिए जज्बा ही काफी है। यह भाव ही ऐसा है जिसका इजहार आप कहीं भी कर सकते हैं। अपने छोटे से छोटे प्रयास से भी देश के प्रति लगाव या प्रेम दर्शाया जा सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है रिटायर्ड सैन्यकर्मी रणवीर सिंह ने।

जोधपुर से लेकसिटी घूमने आए 86 वर्षीय रणवीर की जीप ने उदयपुर के बाजारों में अलग ही कौतूहल पैदा कर दिया। यूनिवर्सिटी रोड, दुर्गा नर्सरी रोड और जहां से भी द्वितीय विश्व युद्ध दौर की यह सेकंड हैंड जीप गुजरी लोगों का ध्यान खींचती रही। कुछेक जगह लोगों ने रोककर बात की और उनके वीडियो भी बनाए।

लोगों ने जब इस जीप को लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि इसे मॉडिफाइड किए बिना रजवाड़ा स्टाइल में सजाया है। आगे-पीछे लाइट्स, राजे-महाराजाओं के दौर के लोगो-होलोग्राम लगवाए हैं। सबसे ज्यादा जिस चीज ने ध्यान खींचा वे थीं जीप के आगे व पीछे लगीं स्पेशल प्लेट्स।

Udaipur : रिटायर्ड सैन्यकर्मी रणवीर सिंह। फोटो पत्रिका

जीप के आगे लगी तीन प्लेट्स…

जीप के आगे उन्होंने तीन प्लेट्स लगा रखी थीं। एक पर जयहिंद, दूसरे पर हिंदुस्तान जिंदाबाद लिखा था। लेकिन तीसरी प्लेट पर पाकिस्तान मुर्दाबाद लिखा था। पीछे वाली प्लेट पर शहीदों को सलाम अंकित था। लोगों ने जब इन प्लेट्स के बारे में जानकारी चाही तो उनका कहना था कि यह जीप उनकी देशभक्ति को अभिव्यक्त करने का जरिया है। उनके मुताबिक हम शेर हैं इसलिए ही सीटों पर शेर की फोटो लगा रखी है।

26 जुलाई को क्यों मनाया जाता है करगिल दिवस?

करगिल दिवस 26 जुलाई को भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन 1999 के करगिल युद्ध में भारतीय सेना की शानदार विजय की याद में मनाया जाता है। मई-जुलाई 1999 में पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने लोकप्रिय लाइन ऑफ कंट्रोल का उल्लंघन कर कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत अत्यंत कठिन परिस्थितियों ऊंचाई, बर्फ और दुश्मन की मजबूत पोजीशन में लड़ते हुए इन चोटियों को वापस छीन लिया। युद्ध में लगभग 527 भारतीय जवान शहीद हुए, लेकिन सेना ने अदम्य साहस और रणनीति से दुश्मन को पीछे धकेल दिया। करगिल दिवस शहीदों को श्रद्धांजलि, वीर सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र की एकता का प्रतीक है।

Updated on:
26 Jul 2026 08:03 pm
Published on:
26 Jul 2026 08:03 pm