
Udaipur: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-पत्रिका)
उदयपुर। हत्या की वारदात के बाद राजस्थान से फरार हुए आरोपी को पकड़ने के लिए उदयपुर पुलिस ने करीब 1500 किलोमीटर तक पीछा किया और आखिरकार उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से उसे गिरफ्तार कर लिया। सूरजपोल थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिश देकर यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिनाथ यादव (48) पुत्र रामराज यादव, निवासी अतरौलिया, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की रात उदयपुर में हरिनाथ यादव का उसके साथ काम करने वाले हनुमान्त तिवारी से विवाद हो गया था। विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर हनुमान्त के पेट पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में घायल हनुमान्त को उपचार के लिए एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
2 सितंबर को एमबी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती हनुमान्त तिवारी के पर्चा बयान के आधार पर पुलिस ने जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। इलाज के दौरान 7 सितंबर को हनुमान्त की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या की धारा जोड़कर आरोपी की तलाश तेज कर दी।
वारदात के बाद आरोपी उदयपुर से फरार होकर अपने पैतृक क्षेत्र आजमगढ़ पहुंच गया। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। सूरजपोल थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश में तकनीकी सूचनाओं का विश्लेषण किया और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और आजमगढ़ में आरोपी के रिश्तेदारों और परिचितों के यहां लगातार दबिश दी।
कई ठिकानों पर तलाश के बाद पुलिस टीम को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद करने के साथ ही हत्या से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
यह कार्रवाई उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में, एएसपी उमेश ओझा और सीओ छवि शर्मा के सुपरविजन तथा सूरजपोल थानाधिकारी सूर्यभान सिंह के नेतृत्व में की गई।
पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक राजेश पाल सिंह, शरीफ खान, शीशराम, चतर सिंह, ओमबीर सिंह, हेड कांस्टेबल गणेश लाल तथा कांस्टेबल शिव लाल, दिलीप सिंह और मणिराज सिंह शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक राजेश पाल सिंह और कांस्टेबल शिव लाल का विशेष योगदान रहा।
Updated on:
10 Sept 2026 08:48 pm
Published on:
10 Sept 2026 08:48 pm
