
झीलों की नगरी इस बार दीपावली पर पर्यटकों से गुलजार रही। बीते वर्षों के रुझान और इस साल की बुकिंग के आंकड़े बता रहे हैं कि 2025 में उदयपुर में पर्यटकों का आंकड़ा नया रिकॉर्ड बनाएगा।
पर्यटन विभाग के अनुसार नवंबर 2024 में करीब 2.16 लाख घरेलू पर्यटक और 21,992 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 2.75 लाख से अधिक तक पहुंचने का अनुमान है।
दीपावली से लाभ पंचमी तक गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल से आने वाले पर्यटकों की संख्या चरम पर रहती है। शहर की अधिकांश होटल्स और रिसॉर्ट्स की बुकिंग पूरी हो चुकी है।
होटल व्यवसायियों ने बताया कि गुजरात में दीपावली से लाभ पंचमी तक छुट्टियां रहती हैं इसलिए गुजराती परिवार इस दौरान बड़ी संख्या में उदयपुर पहुंचते हैं। इनमें से कई पर्यटक पहले नाथद्वारा, कांकरोली और एकलिंगजी में दर्शन करने के बाद उदयपुर घूमने आते हैं।
इसके साथ ही बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली और दक्षिण भारत से भी इस बार पर्यटकों की बुकिंग में वृद्धि दर्ज की गई है।
पर्यटन विभाग के आंकड़े दर्शाते हैं कि कोविड के बाद से उदयपुर में पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
इनमें नवंबर 2024 में सर्वाधिक 2.16 लाख घरेलू और 22 हजार के करीब विदेशी पर्यटक दर्ज हुए थे। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.75 लाख घरेलू और 19 हजार से अधिक विदेशी तक पहुंचने की उम्मीद है।
सिटी पैलेस, जगदीश मंदिर, गणगौर घाट, पिछोला झील, फतहसागर झील, सज्जनगढ़ किला व बायोलॉजिकल पार्क, प्रताप गौरव केंद्र, शिल्पग्राम, सहेलियों की बाड़ी और करणी माता मंदिर। मेवाड़ क्षेत्र में आने वाले पर्यटक राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और पाली जिलों के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर भी जाते हैं।
होटल एसोसिएशन के अनुसार दिवाली सप्ताह से लेकर लाभ पंचमी तक लगभग 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी रहने की संभावना है। प्रमुख होटल्स ने विशेष फूड फेस्टिवल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप सजावट की तैयारियां कर ली हैं।
विभाग ने शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विशेष स्वच्छता और लाइटिंग अभियान चलाया है। सज्जनगढ़, फतहसागर और पिछोला झील के किनारे लाइटिंग से शहर की खूबसूरती और निखर गई है।