
Udaipur Panchayat Samiti Reservation Lottery: उदयपुर में बुधवार को आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। जिला परिषद सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई लॉटरी में विभिन्न वर्गों के लिए सीटों का आरक्षण तय किया गया।
लॉटरी के दौरान अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को सबसे अधिक 15 सीटें आरक्षित की गईं। इनमें 7 सीटें एसटी महिला के लिए आरक्षित रहेंगी। वहीं, अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए सिर्फ एक सीट आरक्षित हुई है। महिलाओं के लिए कुल 10 सीटें आरक्षित की गई हैं। आरक्षण प्रक्रिया के बाद अब इन सीटों पर चुनाव लड़ने वाले संभावित दावेदारों की तस्वीर भी धीरे-धीरे साफ होने लगी है।
पंचायत समिति प्रधान पद के लिए भी आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इसमें बड़गांव पंचायत समिति का प्रधान पद अनारक्षित यानी ओपन रखा गया है। घासा पंचायत समिति का प्रधान पद एससी ओपन के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं भींडर, वल्लभनगर और मावली पंचायत समितियों के प्रधान पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस आरक्षण के बाद इन पंचायत समितियों में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रधान पद पर चुनाव लड़ने का रास्ता खुल गया है, जबकि बड़गांव में किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेगा।
उल्लेखनीय है कि जिला परिषद के जिला प्रमुख पद के आरक्षण का निर्धारण पहले ही 13 अगस्त को हो चुका है। इस बार उदयपुर जिला प्रमुख की सीट अनारक्षित ओपन रखी गई है। ऐसे में किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार जिला प्रमुख के चुनाव में दावेदारी कर सकेगा। पिछले कार्यकाल में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित था।
जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि बुधवार को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर को उपखंड अधिकारी सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कराएंगे। इसके बाद पंचायत चुनावों के लिए गांव स्तर पर भी आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।