रैगिंग के अभिशाप के चलते कई विद्यार्थी कॉलेजों में आत्महत्या तक कर लेते हैं। एेसे में यूजीसी इस फिल्म के जरिए रैगिंग रोकने के लिए पूरे समाज की जागरूक करेगा और उनकी जिम्मेदारी निर्धारित करेगा।
रमाकांत कटारा
उदयपुर. यूथ आइकन और टीम इंडिया के रन मशीन विराट कोहली देशभर के कॉलेज स्टूडेंट्स को बताएंगे कि उन्होंने रैगिंग की तो किन-किन अपराधों के भागीदार बन जाएंगे।
एंटी रैगिंग मुहिम को दमदार बनाने और कॉलेज विद्यार्थियों को पॉजिटिव मेसेज देने के उद्देश्य से यूजीसी ने भारतीय क्रिकेट टेस्ट कप्तान कोहली को इस मुहिम का ब्रांड एम्बेसेडर बनाया है। मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर बनी 15 मिनट की डॉक्यूमेंन्ट्री फिल्म को एक अगस्त से दिखाया जाएगा।
रैगिंग को जड़ से समाप्त करना मकसद
यूजीसी का इस सारी कवायद के पीछे स्पष्ट मकसद रैंगिग को कॉलेज और विश्वविद्यालयों से जड़ से समाप्त करना है। डॉक्यूमेंट्री में रैगिंग करने पर होने वाली सजा, विद्यार्थी पर पडऩे वाले मानसिक दुष्प्रभाव, रैगिंग की शिकायत कहां-कहां की जा सकती है, अभिभावकों को क्या करना चाहिए आदि जानकारियां प्रसारित की जाएंगी।
रैगिंग के अभिशाप के चलते कई विद्यार्थी कॉलेजों में आत्महत्या तक कर लेते हैं। एेसे में यूजीसी इस फिल्म के जरिए रैगिंग रोकने के लिए पूरे समाज की जागरूक करेगा और उनकी जिम्मेदारी निर्धारित करेगा।
जल्द दूरदर्शन पर दिखाएंगे फिल्म
विराट कोहली देश के युवाओं को वर्तमान सत्र से यूजीसी एंटी रैगिंग कैम्पेन शुरू करने जा रहा है। दूरदर्शन पर हर सप्ताह रैगिंग के खात्मे के लिए टीवीसी कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।
प्रो. इंद्रमोहन कपाई, यूजीसी सदस्य