
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर .स्मार्ट सिटी में सडक़ों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर अगर आपकी पुरानी गाड़ी लम्बे समय से खड़ी है तो आप सावधान हो जाए। अब आपका यह पुराना वाहन आपको परेशानी में डाल सकता है। प्रशासन ने साफ तौर पर चेताया है कि आप मान जाए और सुधर जाए नहीं तो भुगतने को तैयार रहे। उदयपुर में सडक़ों पर खड़े लावारिस वाहनों से दुर्घटनाएं बढ़ रही है तो अपराधियों के लिए ये गाडि़या आश्रय स्थल बन गए है लेकिन अब गाड़ी के मालिक के लिए मुसीबत आने वाली है।
शहर में सार्वजनिक स्थानों पर खड़े लावारिस वाहनों को लेकर प्रशासन ने फिर कार्रवाई की तैयारियां शुरू की है। नगर निगम ने पूर्व में भी इस प्रकार एेसे वाहनों को जब्त करने कार्रवाई की थी लेकिन उसके बाद स्थिति जस की तस हो गई। नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग ने कहा कि शहर में वाहनों को सार्वजनिक स्थानों/सडकों आदि में स्थायी/अस्थायी रूप से वाहन खड़े कर दिये जाते हैं जिससे मार्गाधिकार में एवं पार्किंग में बाधा उत्पन्न होती है।
सिहाग ने कहा कि जिला कलक्टर के आदेश के तहत एेसे वाहनों को पांच दिन का नोटिस चस्पां कर हटाने को कहा, निगम ने पांच दिन बात अभियान चलाकर वाहनों को जब्त करने की चेतावनी दी है।
... वाहनों के गैरेज बने सडक़ों पर ऐसे वाहनों के माध्यम से उनकी आड में आपराधिक गतिविधियां होने की भी आशंका रहती है। ऐसे वाहनों से दुर्घटना की संभावना भी बनी रहती है जिससे जन-धन की हानि भी हो सकती है। कुछ जगह तो वाहनों के गैरेज सडक़ों पर बना रखे है, इसके अलावा सडक़ों पर कार बाजार बन गए है लेकिन नगर निगम और पुलिस चुप है। शहर के मुख्य मार्गोँ पर कार बाजार से वाहनों की लाइने लगी हुई है, प्रशासन और पुलिस की नजरे कार बाजार पर रहती है लेकिन कार्रवाई के नाम पर दोनों मौन साधे हुए है। कार बाजार के उदाहरण एमबी कॉलेज रोड, महासतिया के पास, सिख कॉलोनी आदि क्षेत्र में दिखने को मिल जाएगे।