उदयपुर

उदयपुर में यहां ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बनाया बंधक, चार घंटे बाद पहुंचे अधिकारी, तब तक हुआ ये हाल…

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Jul 18, 2018
villagers locked up employees
उदयपुर में यहां ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बनाया बंधक, चार घंटे बाद पहुंचे अधिकारी !

उदयपुर. बिजली गुल होने की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों का रोष मंगलवार को सहायक अभियंता कार्यालय बडग़ांव के कर्मचारियों पर निकला। यहां बिल जमा करने पहुंचे तीन कर्मचारियों को ग्रामीणों ने पंचायत भवन में ही बिठा दिया। इसकी जानकारी फोन पर अधिकारियों को देने के बावजूद चार घंटे बाद सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे। समझाइश के बाद ग्रामीणों ने दोपहर में कर्मचारियों को छोड़ा।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10.30 बजे बडग़ांव सहायक अभियंता कार्यालय के लिपिक ओमप्रकाश प्रजापत, राजेश पालीवाल और तकनीकी सहायक गिरधारी लाल नायक बडग़ांव पंचायत के धार गांव पहुंचे। ये कर्मचारी हर दो माह में यहां पंचायत में एक दिन के लिए बिल जमा करने पहुंचते हैं। करीब ग्यारह बजे यहां मौजूद ग्रामीणों ने बिजली गुल होने की शिकायत करते हुए अधिकारियों को मौके पर बुलाने और अधिकारियों के नहीं पहुंचने तक पंचायत भवन में ही रहने की हिदायत दी। ऐसे में घबराए हुए कर्मचारियों ने अधिकारियों को फोन किया। इधर मौके पर लगातार बिल जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ती रही। ग्रामीणों ने समस्या हल नहीं होने तक बिल जमा नहीं करवाने की बात भी कही। इसके बाद ग्रामीण बाहर और कर्मचारी पंचायत भवन में का सिलसिला जारी रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर करीब 2.30 बजे निगम के सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश करनी चाही पर लोग नहीं माने। कुछ ही देर में नाई एसएचओ भगवतीलाल पालीवाल, सरपंच शांतिलाल गमेती, वरड़ा के पूर्व उप सरपंच इंद्रसिंह मोजावत आदि की मध्यस्थता पर ग्रामीण माने। यह शिकायत थी ग्रामीणों की कई उपभोक्ताओं की मृत्यु के बाद भी बिल जारी हो रहे हैं। जिनके बिजली की खपत कम है उन्हें भी बड़ी राशि के बिल थमाए जा रहे हैं। धार और आसपास के गांवों में करीब एक माह से दिन में कई बार बिजली गुल हो रही है। थ्री फेज बिजली आ ही नहीं रही। प्रतिदिन शाम होने के साथ ही बिजली गुल हो जाती है तो सुबह आती है। अब 20 को होंगे बिल जमा ग्रामीणों के हंगामें के बाद मंगलवार को एक भी बिल जमा नहीं हुआ। इधर बिल की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 जुलाई की गई। अन्य मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया गया तब ग्रामीण माने।

कुछ भी नहीं हुआ

सहायक अभियंता मुकेश अग्रवाल से जब बात की गई तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि धार गांव में कुछ भी नहीं हुआ। जब उनसे पूछा गया कि आप धार क्यों पहुंचे तो उन्होंने कहा कि लाइन का फाल्ट निकालने के लिए धार गांव गया था।

Published on:
18 Jul 2018 11:00 am