उदयपुर

कौन हैं निशा शेखावत? जिन्होंने रची महिला सशक्तीकरण की नई कहानी, अफसर बनने का था सपना, सोशल मीडिया स्टार बनकर ख्वाब किए पूरे

‘नखराळा भुवासा’ के रूप में पहचान बनाने वाली निशा शेखावत ने सोशल मीडिया पर महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल पेश की है। अफसर बनने का सपना अधूरा रहा, लेकिन इन्फ्लुएंसर बनकर उन्होंने नई राह चुनी। आज उनके 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं और वे युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दे रही हैं।
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Feb 07, 2026
Who Is Nisha Shekhawat
‘नखराळा भुवासा’ बनकर निशा शेखावत ने रची महिला सशक्तीकरण की नई कहानी (पत्रिका फोटो)

उदयपुर: घर की चौखट, परिवार की जिम्मेदारियां और संस्कारों की मर्यादा इन सबके बीच भी सपने पनप सकते हैं, बशर्ते हौसले मजबूत हों और कुछ कर गुजरने का माद्दा। आर्थिक आत्मनिर्भरता न सिर्फ महिला को आत्मविश्वास देती है, बल्कि पूरे परिवार को सशक्त बनाती है।

उदयपुर जिले की निशा शेखावत ने इसी सोच को अपने जीवन में उतारते हुए यह साबित कर दिखाया। अफसर बनने का सपना देखने वाली निशा आज सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। शोहरत, पहचान और आर्थिक सफलता तीनों में उन्होंने वह मुकाम हासिल किया है, जो उन्हें महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक मिसाल बनाता है।

‘नखराळा भुवासा’ बनकर दिलों पर राज

निशा सोशल मीडिया पर राजस्थानी घर-परिवार की रोजमर्रा की बातों को कॉमेडी के रंग में पेश करती हैं। वह ‘नखराळा भुवासा’ के किरदार में लोगों के दिलों पर राज कर रही हैं। उनकी सहज अभिनय शैली, देसी अंदाज और स्थानीय बोली दर्शकों को तुरंत अपनापन महसूस कराती है।

भुवासा के रूप में सुनाए गए किस्से सिर्फ हंसाते नहीं, बल्कि राजस्थानी संस्कृति, पारिवारिक रिश्तों और लोकजीवन की सादगी को भी जीवंत करते हैं। शायद यही कारण है कि उनके वीडियो हर उम्र और हर वर्ग के दर्शकों से जुड़ जाते हैं।

चुपचाप शुरू हुआ सफर, आज लाखों की पहचान

निशा की सोशल मीडिया यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। फेसबुक पर राजस्थानी गाने सुनते-सुनते उनके मन में वीडियो बनाने का विचार आया। शुरुआत में वह चुपके-चुपके वीडियो बनाती थीं। घर के काम निपटाने के बाद, अक्सर रात की खामोशी में, ताकि किसी को पता न चले।

वीडियो बढ़ते गए, पर चुनौतियां भी कम नहीं थीं। कभी सोशल प्लेटफॉर्म बंद हुए, तो कभी उनकी आईडी ब्लॉक हो गई। इन सबके बावजूद निशा ने हार नहीं मानी और लगातार कोशिश करती रही। इस सफर में निशा को छोटे भाई और बहन ने मोटिवेट किया। पति भी पूरा सहयोग करते हैं।

पढ़ाई, प्रतियोगिता और आत्मनिर्भरता

निशा ने फार्मेसी की पढ़ाई की है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण पढ़ाई में वह हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने एसएससी प्रतियोगिता भी क्लियर की। इसके बाद सोशल मीडिया को उन्होंने गंभीरता से अपनाया।
साल 2020 में जब पहली बार सोशल मीडिया से आमदनी शुरू हुई, तो परिवार का नजरिया भी बदला। पहले जहां लोग कहते थे, 'घर बैठे कौन पैसे देता है', वहीं अब परिवार को भी गर्व महसूस होने लगा।

संस्कारों के साथ कंटेंट, जिम्मेदारी के साथ प्रमोशन

निशा सोशल मीडिया पर भी अपने संस्कारों और मूल्यों को प्राथमिकता देती हैं। उन्हें प्रमोशन के कई ऑफर मिलते हैं, लेकिन वह केवल उन्हीं ब्रांड्स को चुनती हैं, जो उनकी सोच और सामाजिक जिम्मेदारी से मेल खाते हों। उनका मानना है कि लोकप्रियता के साथ अपनी संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है।

महिलाओं के लिए संदेश

निशा कहती हैं कि महिलाएं अगर परिवार को साथ लेकर अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, तो घर बैठे भी बहुत कुछ किया जा सकता है। इसके लिए ज़रूरी है कि महिलाएं अपनी स्किल्स को निखारें, खुद पर भरोसा रखें और निरंतर प्रयास करती रहें। निशा शेखावत की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमाओं के बीच भी बड़े सपने देखती हैं।

Updated on:
07 Feb 2026 10:59 am
Published on:
07 Feb 2026 10:59 am