
Ujjain news: एमपी के उज्जैन शहर में 20 साल का जय परिवार और दोस्त सबको रुला गया। किसी को नहीं पता था कि दुकान से छूटने के बाद देर रात ऐसी बुरी खबर आएगी। घर में जय की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि हमे नहीं पता था कि जय दुकान से कभी घर नहीं पहुंचेगा, इसका शव लाया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि जय रात 10 बजे इलेक्ट्रॉनिक दुकान से छूटने के बाद दोस्तों के साथ शिप्रा में नहाने पहुंचा और गहरे पानी में डूब गया।
रामघाट पर रात करीब 11 बजे हुए हादसे के बाद साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंचे तैराक दल ने रात करीब 2 बजे युवक का शव नदी से बाहर निकाला। परिजन ने बेटे की मौत के लिए साथियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया है।
इलेक्ट्रॉनिक दुकान से छूटे जय (20) पिता राजू सिसौदिया निवासी कालापत्थर ने रात 11 बजे रिश्तेदार नीतेश, पीयूष, जावेद और अन्य दोस्तों के साथ शिप्रा में स्नान का प्लान बनाया। सभी शिप्रा नदी के रामघाट पर नहाने पहुंचे। यहां स्नान के दौरान जय गहरे पानी में चला गया। जय को डूबता देख उसके दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, परंतु वे उसे बचा नहीं सके। शोर सुनकर तैराक दलों ने नदी में गोता लगाया और उसके ढाई से तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकाला। सुबह जय का शव का पीएम करवाकर परिजनों को सौपा है। जय के साथियों ने बताया कि जय को तैरना नहीं आता था। महाकाल थाने के कास्टेबल हेमंत जाधव ने बताया कि जय नानाखेड़ा स्थित इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर काम करता था।
पुलिस के अनुसार, दोस्तों ने पूछताछ में बताया कि जय रात करीब 10 बजे दुकान से छूटा था। उसने सारे दोस्तों के साथ शिप्रा स्नान का प्लान बनाया। साथियों का कहना है कि जय को तैरना नहीं आता था। वह पानी में डूबने लगा तो साथियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन रात के अंधेरे और गहरे पानी के कारण उसे बाहर नहीं निकाला जा सका। सूचना के बाद पुलिस और तैराक दल ने तलाश शुरू की और कुछ देर बाद शव बरामद कर लिया।
पुलिस ने सुबह जय का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजन को सौप दिया। परिवारवालों का कहना है कि जय इकलौता था। उसके पिता पेंटर हैं और मकानों की पुताई का काम करते है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटे की मौत के लिए उसके साथी जिम्मेदार हैं, जो उसे नदी में देर रात नहाने के लिए लेकर पहुंचे।