छह वर्ष में १६५ हादसे, १०५ मौत, ३१८ घायल...अब जाकर उज्जैन-जावरा हाइवे की ली सुध, बनाए स्पीड ब्रेकर
उज्जैन. मौत की राह बन चुके उज्जैन व्हाया नागदा होते हुए जावरा मार्ग (स्टेट हाइवे १७) पर १०५ मौत और ३१८ लोगों के घायल होने के बाद अब अफसरों ने सुध ली है। ९५ किमी लंबे हाइवे पर अंधे मोड़, खुले फंटों पर दुर्घटना रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में उज्जैन से नागदा तक के ५० किमी मार्ग पर छह स्पीड ब्रेकर बनाए गए है यह सभी उसी स्थानों पर बने है जहां बीते सालों में सैकड़ों दुर्घटनाएं होकर ब्लैक स्पॉट के रूप में पहचाने जाने लगे थे। वहीं अगले चरण में जावरा तक इतने ही ओर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। हालांकि मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की यह कवायद पिछले दिनों अधिकारियों के एक हादसे में बचने के बाद शुरू की गई है। एमपीआरडीसी के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इन स्पीड ब्रेकर बनने से वाहनों की रफ्तार थमेगी अैर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
९५ किमी लंबे मार्ग पर हर १० किमी पर ब्लैक स्पॉट
उज्जैन-जावरा मार्ग की लंबाई ९५ किमी है। इस मार्ग के तकरीबन हर १० किमी पर ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं। वर्तमान में पूरे मार्ग पर महज छह स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। इसमें उज्जैन भैरवगढ़, उज्जैन के पास मदरसा, उन्हेल नाला, जावर हुसैन टेकरी, नागदा नवीन बस स्टैंड, जावरा के समीप गांव राजाखेड़ी पर ब्रेकर है। बीते सालों में मार्ग करीब १२ ओर ऐसे स्थान सामने आए हैं, जहां स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता है। विभाग की ओर से इन्हीं स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, सुरक्षा पट्टी सहित अन्य उपाय किए जा रहे हैं।
२०१२ में हाइवे शुरू...हर १० दिन में हादसे
उज्जैन-नागदा-जावरा हाइवे कितना खतरनाक हो चुका है इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वर्ष २०१२ में शुरू हुए मार्ग पर अब १६५ से ज्यादा दुर्घटनाएं हो चुकी है। इन दुर्घटनाओं में १०५ लोगों ने जान गंवाई है तो ३१८ घायल हुए हैं। सबसे अधिक ९० दुर्घटना नागदा से जावरा के मध्य हुई है इसमें ६५ लोगों की मौत हुई है। पिछले ११ दिन में ही १० मौत हो चुकी है।
उज्जैन से नागदा के बीच यहां बन रहे ब्रेकर
१. एसआर पेट्रोल पंप उज्जैन रोड, उन्हेल
२. गंभीर नदी के समीप गांव रूपाखेड़ी
३.टोल टैक्स के समीप गांव चकमाधोगढ़ फंटा
४. नवीन बस स्टैंड उन्हेल
५.नवादा चौपाटी, उन्हेल
६. पिपलिया मोलू फंटा
स्टेट हाइवे एक नजर में
कहां से कहा तक- उज्जैन व्हाया नागदा से जावरा
मार्ग की लंबाई-९५.२३ किमी
टोल कंपनी - कंसेशनायर टॉपवर्थ टोलवेज प्रालि
मार्ग प्रारंभ - मार्च २०१२
लागत-१८९.२३ करोड़
इसलिए हो रही दुर्घटनाएं
- ९५ किमी लंबे मार्ग पर २० से अधिक अंधे मोड़।
- बीते वर्षों में ट्रैफिक बढ़ा, प्रतिदिन २००० हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं।
- हाइवे पर वाहनों की स्पीड १०० किमी से अधिक होती है, तेज रफ्तार व अंधे मोड़ से दुर्घटनाएं।
- अंधे मोड़ पर संकेतक निकले, चौराहे पर रोक नहीं होने से हादसे।
- मार्ग के आसपास बस्ती विकसित होना।
इनका कहना
उज्जैन-जावरा हाइवे पर सड़क हादसे रोकने के लिए करीब १२ स्पीड ब्रेकर बना रहे हैं। प्रथम चरण में उज्जैन से नागदा के बीच ६ ब्रेकर बनाए गए हैं। इससे मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं रुकेंगी।
- आरके जैन, संभागीय महाप्रबंधक एमपीआरडीसी