Ujjain- प्रयागराज कुंभ के अनुभवों पर आधारित प्रशिक्षण अवधारणा के अनुरूप सेमिनार आयोजित किया गया
Ujjain- आगामी सिंहस्थ-2028 के सुरक्षित और सुचारू आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। सुरक्षा की ठोस रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से 23 फरवरी को उज्जैन के निजी होटल में पुलिस विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में सिंहस्थ की चुनौतियों, तैयारियों, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन तथा बल और सामग्री प्रबंधन (लॉजिस्टिक्स) को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मंथन किया गया। प्रयागराज कुंभ के अनुभवों पर आधारित प्रशिक्षण अवधारणा के अनुरूप यह सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमीनार का उद्घाटन DG EOW उपेंद्र जैन द्वारा किया गया। उन्होंने 2004 के संघर्ष के दौरान चुनौतियों और चुनौतियों के संबंध में की गई विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अत्यधिक तकनीक के इस्तेमाल की आवश्यकता पर बल दिया। सेमिनार में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों एवं एडीजी स्तर के अधिकारियों को फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया।
सेमिनार में मध्यप्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी), पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) एवं विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कुल 52 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह द्वारा सिंहस्थ में बल के प्रशिक्षण की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला गया।
पुलिस की विशेष शाखा के उप महानिरीक्षक तरुण नायक ने सेमिनार का संचालन करते हुए पुलिस प्रशिक्षण विश्लेषण के संदर्भ में 4-S मॉडल की उपयोगिता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों हेतु यह प्रशिक्षण योजना 4-S मॉडल के आधार पर विश्लेषित एवं निर्मित की जाएगी।
उप महानिरीक्षक तरुण नायक ने स्पष्ट किया कि S–Sharing के अंतर्गत सूचनाओं एवं अनुभवों का साझा करना, Sensitisation के माध्यम से संवेदनशील होकर प्रशिक्षण योजना का निर्माण करना, Synergy के जरिए समन्वित प्रयासों एवं आपसी सहयोग को सुदृढ़ करना तथा Strategy के तहत ठोस व्यूह-रचना एवं योजनाबद्ध कार्य-निर्माण को प्रशिक्षण की मूल आधारशिला बनाया गया है। इसी संरचना के अनुरूप पुलिस बल को भावी चुनौतियों के लिए सक्षम एवं तैयार किया जाएगा।