उज्जैन

विपक्ष के पार्षदों ने निगमायुक्त को गुलदस्ता दे दिया, फिर सामने आई ये चुनौती

जलप्रदाय, सफाई, मवेशी, अटके निर्माण कार्य सहित अन्य समस्याओं का पुलिंदा सौंपा, करीब २० मिनट निगमायुक्त ने सुनी सभी की बातें
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Updated: 31 May 2018, 7:00 AM IST
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उज्जैन. कांग्रेस पार्षद दल ने बुधवार अपराह्न ४ बजे निगमायुक्त प्रतिभा पाल से उनके कक्ष में मुलाकात की। गुलदस्ता देने के दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ ने उनसे कहा कि शहर में समस्याओं का अंबार है। इससे निपटना बहुत चुनौतीभरा है। करीब २० मिनट तक पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों पर उनसे चर्चा की और ४० बिंदु वाला पुलिंदा सौंपा। निगमायुक्त ने भरोसा दिया कि टीम वर्क के साथ शहर को बेहतर से बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
कांग्रेस पार्षद दल ने निगमायुक्त से कहा कि एक दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है वह भी गंदा। त्रिवेणी पर डैम लीक होने या ओवरफ्लो होने पर खान का गंदा पानी शिप्रा में मिलता है, इससे भी जलप्रदाय किया जाता है। लोगों में इस कारण बीमारियां फैला रही हैं। पार्षद आत्माराम मालवीय, जफर एहमद सिद्दीकी, सपना सांखला, रहीम लाला, गुलनाज नासिर खान, प्रमिला मीणा, सपना सांखला, रेखा गेहलोत, ताराबाई मालवीय आदि मौजूद रहे।
ये रखी मांग व बताई दिक्कतें
- बंद पड़े हैंडपंप व नलकूपों में सुधार किया जाए।
- गंभीर डैम हेल्परों के भरोसे है, यहां दक्ष व स्थायी कर्मी नहीं है।
-कई क्षेत्रों में तापी की लाइन बिछ चुकी है, लेकिन अब तक लोगों को नए कनेक्शन नहीं मिले।
- स्ट्रीट लाइट सुधार नहीं होता, सिंहस्थ में खरीदी एलइडी का हिसाब विभाग के पास नहीं।
- करोड़ों रुपए से खरीदी सिटी बस खस्ताहाल है, इस सेवा से लोग वंचित हैं।
- शहर में मवेशी व श्वानों की समस्या व्याप्त है। गोशाला व श्वान घर बनने के बाद भी राहत नहीं।
- निगम से संचालित गरीबों की योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार होता है इस पर रोक लगाई जाए।
- सफाई व्यवस्था पर खर्च दो से तीन गुना हो गया, लेकिन इतना साफ शहर नजर नहीं आता। कसावट लाई जाए।

बारिश पहले नाला सफाई कार्य पूर्ण करें

उज्जैन। निगम स्वास्थ्य समिति की बैठक प्रभारी मांगीलाल कड़ेल ने बुधवार को ली, जिसमें बारिश पूर्व सभी नालों की सफाई कार्य पूर्ण करने, सफाईकर्मियों को पर्याप्त संसाधन देने, पशु गैंग कर्मियों को २ लाख का बीमा कराने, सफाई में कसावट लाने सहित अन्य मुद्दों पर मंथन हुआ। कार्य से अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों को लगातार कार्रवाई करने के निर्देश सहित विश्व पर्यावरण दिवस ५ जून को अभियान चलाकर इसके प्रति जागृति लाने पर चर्चा हुई। समिति मेंबर व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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