Actress Sonal Chauhan Reach Mahakal : हिंदी और तेलुगु फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री और मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब अपने नाम कर चुकीं सोनल चौहान महाकाल मंदिर पहुंची।
Actress Sonal Chauhan Reach Mahakal : 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर में रोजाना हजारों भक्तों का तांता लगा रहता है। यही नहीं, यहां देश-विदेश की प्रसिद्ध हस्तियों, राजनेता या अभिनेताओं की भी गहरी आस्था देखने को मिलती है। यही कारण है कि, हर समय कोई न कोई नामचीन हस्ती बाबा के दरबार में हाजिरी देने पहुंचता है, जो आम भक्तों के बीच चर्चा में रहता है। इसी कड़ी में हिंदी और तेलुगु फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री और मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब अपने नाम करने वाली सोनल चौहान महाकाल मंदिर पहुंची।
यहां उन्होंने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। बता दें कि, अभिनेत्री दर्शन करने के लिए रात 2 बजे महाकाल मंदिर पहुंच गई थी। यहां लगभग 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर वो भस्मारती में शामिल हुईं। इस दौरान वो नंदी जी का पूजन कर उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही।
बाबा महाकाल की आरती के समय सोनम को जाप करते हुए भक्ति में डूबा देखा गया। आरती के बाद उन्होंने भगवान महाकाल की देहरी से जल अर्पित कर दर्शन किए और बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा को जल चढ़ाने के बाद सोनल ने नंदी जी का पूजन भी किया और उनके कान में अपनी मनोकामना बोलती नजर आईं। इसके बाद महाकाल मंदिर समिति की ओर से एक्ट्रेस का सम्मान भी किया गया।
सोनल के एक्टिंग करियर की बात करें तो अबतक उन्होंने तेलुगू और हिंदी की कई फिल्मों में काम किया है। साल 2005 में वो फेमिना मिस इंडिया और 2005 में ही मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। तेलुगु इंडस्ट्री में उन्होंने फिल्म रैंबो और हिंदी इंडस्ट्री में फिल्म जन्नत से अपने करियर की शुरुआत की थी। वो 'आदिपुरुष' और 'द घोस्ट' जैसी पैन इंडिया फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। 'जन्नत' के बाद वो 'पलटन' और 'कमांडो-2' जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया है।
वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर गुरुवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त देर रात से ही कतारों में लगकर अपने इष्टदेव बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। प्रातः 4 बजे बाबा महाकाल का जागरण हुआ, जिसके बाद उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।