उज्जैन

video : 15 तपस्वियों की कठिन साधना पूर्ण होने पर केसरियानाथ महातीर्थ से निकाला वरघोड़ा

जैन समाज में 112 दिनों में 84 गरम जल उपवास करने वाले श्रैणिक तप तपस्वियों की अनुमोदनार्थ खाराकुआं स्थित सागर आराधना भवन में प्रभु भक्ति व मेहंदी रस्म का आयोजन हुआ।
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Oct 26, 2018
patrika
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उज्जैन. जैन समाज में 112 दिनों में 84 गरम जल उपवास करने वाले श्रैणिक तप तपस्वियों की अनुमोदनार्थ खाराकुआं स्थित सागर आराधना भवन में प्रभु भक्ति व मेहंदी रस्म का आयोजन हुआ। भक्ति गीतों की प्रस्तुति के साथ जयकारे लगे। समाजजनों ने तपस्वियों की अनुमोदना कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। शुक्रवार सुबह 8 बजे खाराकुआं स्थित सिध्दचक्राराधन केसरियानाथ महातीर्थ से तपस्वियों का वरघोड़ा निकला। इसमें तपस्वियों बग्घियों पर विराजमान किया गया।

श्वेतांबर जैन समाज के इतिहास में पहली बार शहर में 15 तपस्वियों ने कठोर श्रैणिक तप किया। सभी तपस्वियों का शॉल, श्रीफल एवं मोतियों की माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। सुबह वरघोड़ा निकाला गया, इससे पहले गुरुवार को भक्तांबर पाठ, स्नात्र पूजन हुआ। इसके लाभार्थी शकुंतला बेन बाबूलाल जैन परिवार रहे। रात में प्रभु भक्ति, मेहंदी रस्म व चौबीसी कार्यक्रम सागर आराधना भवन खाराकुआं में हुआ। इसके लाभार्थी प्रफुल्लाबेन अजीतकुमार गादिया रहे। भजन गायक दिनेश सोलंकी ने भक्ति गीतों की प्रस्तुत दी। खाराकुआं पेढ़ी मंदिर पर चातुर्मास के लिए विराजित साध्वी पूर्णयशा की निश्रा में तपस्वियों ने चातुर्मास आरंभ होने के पहले से ही शुरू हुए इस तप में 112 दिन की अवधि में तपस्वी नेमीचंद सालेचा, रूपचंद जैन, बाबूलाल जैन बिजलीवाला, शांतिलाल जैन गावड़ीवाला, निर्मल रोनवाल, निर्मलाबेन मेहता, दीपिका बेन शाह, राजलबेन जैन, शकुंतला जैन, कुसुम जैन डगवाला, अनारबाला मेहता, छायाबेन मेहता, सुमन खाबिया, आशाबेन खाबिया, उषाबेन कोचर ने गरम जल के 84 उपवास किए।

मंत्री जैन भी हुए शामिल
ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी ट्रस्ट मंडल के संयोजन में शुक्रवार सुबह 8 बजे निकले जुलूस में ऊर्जा मंत्री पारस जैन भी शामिल हुए। पेढ़ी ट्रस्ट अध्यक्ष महेन्द्र सिरोलिया व सचिव जयंतीलाल तेलवाला ने बताया कि जुलूस खाराकुआं मंदिर से शुरू होकर नमकमंडी, छोटा सराफा, कंठाल, फव्वारा चौक, दौलतगंज, इंदौर गेट, सखीपुरा, तोपखाना, बसफोड़ गली होते हुए पुन: खाराकुआं पेढ़ी मंदिर पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। पेढ़ी ट्रस्ट की ओर से सभी तपस्वियों का बहुमान किया गया।

जुलूस में इन्होंने बढ़ाई शान
दो बैंड, जिन शासन ध्वजा, 6 बग्घी, हाथी, चांदी का प्रभु रथ सहित सैकड़ों समाजजन शामिल रहे। गच्छाधिपति आचार्य नित्यसेन सूरिश्वर, साध्वी दमिताश्री, सुरेखाश्री, दर्शितकलाश्री आदि श्रमण, श्रमणीवृंद भी निश्रा प्रदान की।

Published on:
26 Oct 2018 12:42 pm