उज्जैन

महाकाल मंदिर के पास बुलडोजर कार्रवाई, 12 मकान, होटल और गेस्ट हाउस तोड़े

MP News: सुबह लोगों के जागने से पहले ही सक्रिय हुआ प्रशासनिक अमला, दो पोकलेन, 6 जेसीबी और 5 डंपर लेकर मौके पर पहुंचे करीब 150 अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस बल।

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Mar 24, 2026
bulldozer action near mahakal temple demolition illegal construction

MP News: मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर से सटे बेगमबाग क्षेत्र में मंगलवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 अवैध मकान, होटल और गेस्ट हाउसों को तोड़ दिया। मंगलवार सुबह लोगों की नींद खुलने से पहले ही बेगमबाग इलाके में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो चुका था। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए), जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र को घेर लिया। दो पोकलेन, 6 जेसीबी और पांच डंपरों के साथ करीब 150 अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस बल कार्रवाई में जुटे। पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध की स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।

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12 अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर

कार्रवाई के दौरान 12 अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। इनमें भूखंड क्रमांक 231ए, भूखंड क्रमांक 66,66ए व इसके तीन भाग 67ए, 68ए, 68बी, 69ए, 69बी, 71,72,74 व 74 के अवैध कब्जे को हटाया गया। इनमें मकान, होटल और गेस्ट हाउस आदि शामिल थे। लीज शर्तों के उल्लंघन को लेकर इससे पहले भी इसी इलाके में अवैध भवनों को तोड़ा जा चुका है। अब तक 23 भूखंडों पर बने दर्जनों भवन हटाए जा चुके हैं। यूडीए का अवैध व्यावसायिक निर्माणों को हटाने का अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।

नोटिस के बाद भी नहीं माने कब्जाधारी

प्रशासन ने संबंधित लोगों को एक सप्ताह पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे। सरताज खान, खान मोहम्मद, मोहम्मद अनीज, ताहेर अली, हिना खान, मोहम्मद सलीम, अब्दुल हामिद, वारिस बेग, शाहनवाज खान सहित कई होटल संचालकों को भवन खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन ने सीधे बुलडोजर चलाया।

कोर्ट से राहत खत्म होते ही एक्शन

यह मामला लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। कब्जाधारियों ने निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगाई, लेकिन सभी स्तरों से स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद प्रशासन को कार्रवाई का रास्ता साफ मिल गया। इसके बाद ही यह बड़ा अभियान शुरू किया गया। अवैध निर्माणों को हटाने का सबसे बड़ा असर महाकाल मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार नीलकंठ द्वार के आसपास देखने को मिला।

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Published on:
24 Mar 2026 08:35 pm
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