MPPSC Results: न के इंजीनियरिंग कॉलेज में पदस्थ प्रो. डॉ. वायएस ठाकुर की पुत्री राजनंदनी और अर्जुनसिंह का चयन MPPSC में हुआ है। दोनों ने क्रिस्ट ज्योति स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। आप भी पढ़ें दोनों की Success Story
MPPSC Results: महाकाल की नगरी में रहने वाले भाई-बहन की जोड़ी ने कमाल कर दिया। एक साथ मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए तो घर में डबल खुशियां छा गईं। हालांकि बहन पहले से नायब तहसीलदार हैं, भाई की 21वीं और बहन की 14वी रैंक बनी है।
उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज में पदस्थ प्रो. डॉ. वायएस ठाकुर की पुत्री राजनंदनी और अर्जुनसिंह का चयन एमपी पीएससी में हुआ है। दोनों ने क्रिस्ट ज्योति स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद भोपाल से इंजीनियरिंग की। राजनंदनी का 2020 में नायब तहसीलदार के लिए चयन हो गया तथा वर्तमान में वे सीहोर में पदस्थ हैं। इस दौरान अर्जुन की भी टीसीएस में नौकरी लग गई, लेकिन उन्होंने ज्वॉइन नहीं करते हुए लगातार मेहनत की और आज डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं।
अर्जुन ने बताया कि रोजाना 8 से 10 घंटे की पढ़ाई सोशल मीडिया में सिर्फ खबरें और कंटेंट देखने के लिए मोबाइल का उपयोग किया। 2018 से लगातार अपना बेस्ट देने के लिए मेहनत की और आज उसका परिणाम मिल गया। दोनों भाई-बहन ने साथ में एमपीपीएससी की तैयारी की।
बास्केटबॉल की स्टेट प्लेयर रही राजनंदनी ने बताया कि नौकरी में रहते हुए समय निकाला, क्योंकि अगर कुछ बनना है तो समय न होते भी निकालना पड़ेगा। पढ़ाई में खुद को झोंकना होगा, तभी लक्ष्य हासिल हो पाएगा। इसके बावजूद नौकरी में रहते हुए उन्होंने आगे की तैयारी के लिए समय निकाला और डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुईं। डिप्टी कलेक्टर बनी उज्जैन की राजनंदनी ने बताया कि नौकरी में रहते हुए समय निकाला, क्योंकि अगर कुछ बनना है तो समय न होते भी निकालना पड़ेगा। पढ़ाई में खुद को झोंकना होगा, तभी लक्ष्य हासिल हो पाएगा। बता दें, राजनंदनी बास्केट बॉल की स्टेट प्लेयर रही हैं।
अर्जुन ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान मुझसे पूछा गया कि आप उज्जैन के रहने वाले हो, तो आप बारह ज्योतिर्लिंग के नाम बताइए। इसके बाद कहा कि आपका जन्म नर्मदापुरम में हुआ है तो वहां कौन-सा शक्तिपीठ है। इसके अलावा हरित क्रांति और जनरल नॉलेज से जुड़े सवाल पूछे गए। अर्जुन सिंह ने कहा कि रोजाना आठ से दस घंटे की पढ़ाई की। 2018 से लगातार मेहनत की और आज परिणाम मिल गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार उज्जैन जिले में अधिनस्थ लेखा सेवा के लिए मदीहा, नायब तहसीलदार के लिए प्रियंका कदम और अति. सहा. विकास आयुक्त के लिए प्रांजल पाठक का चयन हुआ है।