Priyanshi-
Priyanshi- एमपी के उज्जैन की प्रियांशी प्रजापति ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। यह प्रतियोगिता में अर्मेनिया में आयोजित हुई थी। प्रियांशी ने प्रतियोगिता में दुनिया के अनेक टॉप पहलवानों को पछाड़ा। इससे उनकी रैंकिंग में भी जबर्दस्त उछाल आया। प्रियांशी अब ए क्लास के वर्ल्ड टॉप 10 पहलवानों में दूसरे स्थान पर आ गई हैं। प्रतियोगिता में भारतीय टीम में मध्यप्रदेश से वे एकमात्र पहलवान थीं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम के प्रदर्शन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जताई है। उन्होंने चैंपियनशिप में गई टीम को मिलने के दिल्ली बुलाया है जिसमें प्रियांशी भी शामिल रहेंगी। वे अब एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट गई हैं।
उज्जैन की प्रियांशी प्रजापति ने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने वर्ल्ड रैकिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। प्रियांशी इसमें 50 किलो वर्ग में शामिल हुई थीं। अर्मेनिया में 24 से 28 फरवरी तक आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने वर्ल्ड के टॉप 3 पहलवानों को मात दी।
प्रियांशी प्रजापति के पिता मुकेश प्रजापति ने बताया कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के वे एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल की तैयारियों में जुट गई हैं। इससे 2028 के ओलिंपिक गेम्स के लिए उनकी राह खुल जाएगी। मुकेश प्रजापति ने अपनी बेटी के उपलब्धियों के लिए मध्यप्रदेश सरकार से प्रोत्साहन राशि देने की भी मांग की है। प्रियांशी प्रजापति ने बेहद अभावों के बाद भी कुश्ती में यह उपलब्धि हासिल की है।
अर्मेनिया में कुश्ती की विश्व चैंपियनशिप खेलने गई मध्यप्रदेश से एकमात्र खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत अमेरिका इजराइल युद्ध के कारण फंस गई थी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने उन्हें वहां से निकालने के लिए जरूरी प्रयास किए। सीएम ने प्रियांशी से लाइव बात भी की और गुरुवार को उनकी देश में वापसी करवा दी।
चैंपियनशिप के बाद प्रियांशी को 1 मार्च को दुबई से होते हुए देश वापस लौटना था लेकिन युद्ध के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो रही थी। वे 4 दिनों तक फंसी रही। प्रियांशी के पिता ने सीएम डॉ. मोहन यादव से मदद मांगी। सीएम ने तुरंत प्रियांशी से ऑनलाइन बात की। इसके बाद तुर्की और कजाकिस्तान के रास्ते उन्हें गुरुवार सुबह इंडिया लाया गया।