Patrika Shubhotsav: शहर का बर्तन बाजार सौ साल पुराना है, उज्जैन, जो प्राचीन अवंतिका नगरी के नाम से भी जाना जाता है, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है
Patrika Shubhotsav: शहर का बर्तन बाजार अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। यह बाजार सैकड़ों वर्षों से यहां के व्यापारिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। प्राचीन समय से बर्तन बाजार उज्जैनवासियों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उपयोग होने वाले बर्तनों के लिए एक प्रमुख केंद्र रहा है। इस बाजार का ऐतिहासिक महत्व इसे आज विशेष और आकर्षक बनाता है।
शहर का बर्तन बाजार सौ साल पुराना है, उज्जैन, जो प्राचीन अवंतिका नगरी के नाम से भी जाना जाता है, अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां के बर्तन बाजार ने समय के साथ अपनी ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखा और सदियों से घरेलू उपयोग के बर्तन और धार्मिक अवसरों पर उपयोग होने वाले तांबे, पीतल और स्टील के बर्तनों के व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा।
उज्जैन का बर्तन बाजार केवल एक व्यापारिक केंद्र ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता का प्रमुख स्रोत है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, गोपाल मंदिर सहित अन्य मंदिरों के नजदीक होने के कारण यहां धार्मिक पूजा-पाठ और आयोजनों के लिए विशेष बर्तन और मूर्तियां आदि मिलते हैं। साथ ही, यहां का बाजार विशेष रूप से हिंदू पर्वों और त्योहारों के दौरान जीवंत हो उठता है, जब धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भारी मात्रा में बर्तन खरीदे जाते हैं।
यहां हर प्रकार के घरेलू बर्तन मिलते हैं, इन बर्तनों की विविधता और गुणवत्ता उज्जैन के इस बाजार को अद्वितीय बनाती है।
तांबे और पीतल के बर्तन: बर्तन बाजार तांबे और पीतल के पारंपरिक बर्तनों के लिए प्रसिद्ध है, जो धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किए जाते हैं।
धार्मिक महत्व के बर्तन: यहां के बर्तन धार्मिक कार्यों और पूजाओं में विशेष उपयोग के लिए बनाए जाते हैं, जैसे कलश, दीपमालिका, पीतल की प्रतिमाएं, सिंहासन, पूजन थाली आदि।
स्थानीय कारीगरी: यहां के बर्तन स्थानीय कारीगरों द्वारा हाथों से बनाए जाते हैं, जो उन्हें विशेष और टिकाऊ बनाते हैं।
बर्तन बाजार उज्जैन के व्यापारिक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है। यहां की दुकानों में हर प्रकार के घरेलू और धार्मिक उपयोग के बर्तन उपलब्ध होते हैं, जिससे यह बाजार हर वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
बर्तन बाजार उज्जैन के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जहां आसपास के गांवों और शहरों से भी लोग खरीदारी करने आते हैं। त्योहारों और विशेष आयोजनों के समय बाजार की रौनक कई गुना बढ़ जाती है। यहां बर्तन खरीदने के लिए अन्य जिलों और राज्यों से भी ग्राहक आते हैं।
बर्तन व्यापारी निर्माता संघ के अध्यक्ष विजय मित्तल ने बताया यहां तांबा, पीतल, कांसा, जर्मन, सिल्वर बर्तन के कई उद्योग कार्यरत थे। उज्जैन की मंडी प्रदेश की जानी-मानी बर्तनों की मंडी हुआ करती थी। अब तांबा पीतल महंगा होने व रखरखाव में अधिक मेहनत करना पड़ती है, इसलिए वर्तमान में इनकी बिक्री कम हो गई, इनका स्थान स्टील बर्तनों ने ले लिया।
इनकी कई वैरायटी, डिजाइन आ गई है साथ ही रखरखाव में भी सुविधाजनक है। आने वाले त्योहार धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन अच्छी बिक्री का अनुमान है। यहां लगभग 150 दुकानें हैं। अब तो यहां स्टील बर्तनों का निर्माण भी बड़ी तादाद में होने लगा है।
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