उज्जैन

बदलने वाला है बाबा महाकाल की आरती का समय

कार्तिक मास में भस्म आरती और शयन आरती को छोड़कर शेष तीन का समय बदलेगा, रूप चतुर्दशी पर होगा अभ्यग स्नान।

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Oct 19, 2021

उज्जैन. राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में प्रकृति के बदलते स्वरूप के साथ-साथ पूजन-आरती के क्रम में भी आंशिक बदलाव किया जाता रहा है। वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। इसी क्रम में कार्तिक मास में बाबा की प्रमुख आरती भस्म आरती और शयन आरती को छोड़कर बाकी अन्य तीन आरतीयों के समय में बदलाव होगा।

कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक बाबा महाकाल की आरती के समय में परिवर्तन किया जाएगा। 21 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक श्री महाकालेश्वर भगवान की आरतीयों में परिवर्तन होगा, जिसमें प्रातः होने वाली दद्योदक आरती 7.30 से 8.15 बजे तक, भोग आरती प्रातः 10.30 से 11.15 तक ब संध्या आरती सायं 6.30 से 7.15 बजे तक होगी। इसी प्रकार भस्म आरती तड़के 4 से 6 बजे तक तथा सायंकालीन 1 सायं 5 से 5.45 बजे तक होगी। शयन आरती रात 10.30 से 11 बजे तक अपने निर्धारित समय पर ही होगी।

2 नवंबर को मनाया जाएगा धनतेरस पर्व
श्री महाकालेश्वर मंदिर में 2 नवंबर मंगलवार कार्तिक कृष्ण द्वादशी भोम प्रदोष के दिन धनतेरस पर्व मनाया जाएगा,जिसमें श्री अब महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित चिकित्सालय में भगवान श्री धन्वंतरि का पूजन किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर के पुरोहित समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का अभिषेक पूजन किया जाएगा।

रूप चतुर्दशी पर होगा अभ्यग स्नान
रूप चतुर्दशी 4 नवंबर को भगवान महाकाल को अभ्यंग स्नान करवाया जाएगा। इसी दिन से बाबा को गर्म जल से स्नान कराए जाने का क्रम भी प्रारंभ होगा, जो फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक चलेगा। प्रात: 7.30 की आरती में मंदिर समिति की ओर से अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। 5 नवंबर को चिंतामण जवासिया स्थित श्री महाकालेश्वर गोशाला में मंदिर के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा गोवर्धन पूजन किया जाएगा।

Published on:
19 Oct 2021 07:03 pm
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