बारिश के लिए कहीं यज्ञ—हवन या पूजा—पाठ की जा रही है तो कहीं तरह—तरह के टोटके किए जा रहे हैं। किसी को इन उपायों पर अगाध विश्वास है तो कोई इन्हें अंधविश्वास कहकर सिरे से खारिज कर देता है। जिले में भी बारिश को लेकर शहरवासियों ने एक कदम उठाया और संयोग कुछ ऐसा बना कि कई दिनों से रूठे हुए बादल कुछ ही घंटों में ही बरस पड़े।
उज्जैन . बारिश के लिए कहीं यज्ञ—हवन या पूजा—पाठ की जा रही है तो कहीं तरह—तरह के टोटके किए जा रहे हैं। किसी को इन उपायों पर अगाध विश्वास है तो कोई इन्हें अंधविश्वास कहकर सिरे से खारिज कर देता है। जिले में भी बारिश को लेकर शहरवासियों ने एक कदम उठाया और संयोग कुछ ऐसा बना कि कई दिनों से रूठे हुए बादल कुछ ही घंटों में ही बरस पड़े।
जिले में बारिश की खेंच से सबसे ज्यादा नुकसार फसलों को हो रहा है। अब तक यहां 95 प्रतिशत बुवाई हो चुकी है और पानी नहीं गिरने से कई जगहों पर फसल सूखने की कगार पर आ पहुंची है। इससे होनेवाले नुकसान के अंदेशे के कारण किसान परेशान थे और बारिश को लेकर मौसम विभाग के हर अनुमान फेल हो जाने से वे आक्रोशित हो उठे थे।
मौसम विभाग के अनुमान फेल हो जाने से गुस्साए किसानों ने सोमवार को उज्जैन जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने कलेक्टोरेट में मौसम विभाग का पुतला फूंका। साथ ही विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम प्रभारी कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। इत्तेफाक की बात यह है कि इस प्रदर्शन के कुछ ही घंटों में बरसात प्रारंभ हो गई।
किसानों के प्रदर्शन के बाद मौसम विभाग का अनुमान उस सटीक साबित हो गया जब सोमवार रात से ही हल्की बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह भी लगभग 2 घंटे तक बारिश होती रही। सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले—खिले नजर आने लगे हैं। शाह की जीवाजी वेधशाला के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे तक की बारिश का आंकड़ा 216.4 mm पर पहुंच चुका है।