
Ujjain Shahi Masjid demolition: उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर सोमवार सुबह विवाद की स्थिति बन गई है। मस्जिद के एक हिस्से को ढहाने को लेकर सुरक्षा के लिए तैनात की गई पुलिस बल पर विरोध कर रहे लोगों ने दो बार पथराव किया। स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिसबल को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पत्थरबाजी के बीच क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल को हाथ में चोट लगी है। ताजा मिली जानकारी के अनुसार एक तरफ जहां सड़क मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने को लेकर विरोध चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समाज खुद ने खुद मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया है। वहीं, उज्जैन प्रशासन और शहर काजी ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उज्जैन संभागायुक्त भी लोगों को समझाने में जुट गए है।
मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने के विरोध और पुलिस से झड़प के बीच मामले का नया वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि भारी तनाव के बीच मस्जिद कमिटी ने खुद ही शाही मस्जिद के 3 फीट हिस्से को हटाने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन के साथ बातचीत के बाद मस्जिद कमेटी ने खुद यह कार्रवाई शुरू की।
वहीं, उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है। सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर न जाएं।
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने वीडियो जारी कर कहा कि 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्माण कार्य चल रहे हैं, मास्टर प्लान के हिसाब से मार्गों का चौड़ीकरण चल रहा है। इसमें अच्छी बात यह है कि सभी धर्म-समुदाय के लोग स्वतः इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। उनके मकान, धर्मस्थल जो भी बीच में आ रहे हैं, उन्हें वे स्वतः हटा रहे हैं। इसी क्रम में छत्री चौक पर आज शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय द्वारा स्वतः हटाया जा रहा है। मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।
विवाद के बीच उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह भी शाही मस्जिद के पास विरोध कर रहे लोगों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने युवकों को समझाइश देते हुआ कहा कि- मस्जिद के आसपास उनके समाज के अलावा और कोई नहीं है। उन्होंने युवकों को बताया कि शहर के काजी ने भी अफवाह से बचने की सलाह दी है।