
Umaria Bandhavgarh National Park: मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर वन परिक्षेत्र में झलवार गांव के पास बाघ के हमले में शनिवार सुबह एक युवक की मौत हो गई। इसी क्षेत्र में शुक्रवार को भी बाघ ने एक महिला पर भी हमला कर उसकी जान ली थी। 24 घंटे के भीतर आदमखोर बाघ के दो लोगों का शिकार करने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बाघ के द्वारा इंसान का शिकार करने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर वन परिक्षेत्र में आदमखोर बाघ के द्वारा 24 घंटों में दो इंसानों का शिकार किया गया है। पहली घटना शुक्रवार की है तब झलवार गांव की रहने वाली फूल बाई (52 वर्ष) जंगल में महुआ बीनने के लिए गई थीं, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया जिसमें फूल बाई की मौत हो गई। महिला की मौत से परिवार में मातम का माहौल था। इसी दौरान शनिवार सुबह परिवार के ही युवक कल्याण सिंह (30 वर्ष) को बाघ ने अपना शिकार बना डाला। कल्याण सिंह गांव के पास जंगल की ओर गया था, जहां अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले से कल्याण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। फूल बाई कल्याण सिंह की बड़ी मां थीं।
24 घंटे के अंदर एक ही परिवार के दो सदस्यों की बाघ के हमले में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, क्षेत्र में आक्रोश, भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो दूसरी जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने हमलावर टाइगर को तत्काल पकड़ने, प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि उसी इलाके में शनिवार को बाघ के हमले में युवक की मौत हुई है। शुक्रवार को महिला की मौत भी बाघ के हमले में ही हुई थी। एक ही बाघ ने दोनों इंसानों पर हमला किया है ये कहना मुश्किल है। जहां घटना हुई है वह कोर एरिया है। लगातार बाघों का मूवमेंट बना रहता है। इस क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाया जा रहा है, ताकि बाघों की निगरानी हो सके।