दमना बीट के कोरजोन के पहाड़ में लगी थी आग
उमरिया. वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया गया कि मृतक वन रक्षक नरेश काछी पिता सुंदरलाल काछी उम्र 35 वर्ष ग्राम झीठी तहसील सिहोरा थाना मझगवां जिला जबलपुर का निवासी था, जो कि दमना बीट में वन रक्षक के पद पर पदस्थ था। मंगलवार की शाम को दमना बीट के कोर जोन के बी16 टावर के जंगल मे रामकुंज नामक विशालकाय पहाड़ में लगी आग को बुझाने में पार्क के करीब दर्जनों वन कर्मियों व चौकीदारों के सांथ मृतक वन कर्मी नरेश काछी भी आग बुझाने में लगे हुए थे। बताया गया कि जंगल मे लगी आग से उठ रहे धुएं के कारण वन रक्षक नरेश काछी को अचानक सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी एवं सीने में जोरदार दर्द होने की जानकारी उन्होंने अपने सांथीयों को दी। पहाड़ में लगी आग को बुझा रहे उनके साथियो द्वारा मृतक को पहाड़ से नीचे उतारा गया उन्हें वहां से मोटरसाइकल के माध्यम से चौकी लाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वन रक्षक मृतक नरेश काछी की मौत की खबर वन अमला को लगते ही तत्काल वाहन की व्यवास्था कर उसे मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डाक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। वन अधिकारियों द्वारा उक्त घटना की जानकारी मानपुर थाना प्रभारी को दी गयी। सुबह होते ही डाक्टरों की टीम ने शव का पीएम उपरांत परिजनों के सुपुर्द करते हुए अंतिम संस्कार के लिए उनके ग्रह ग्राम के लिए रवाना किया गया।
परिजनों का है आरोप
अस्पताल परिसर में मौजूद मृतक वन रक्षक के बड़े भाई ऋषि राम काछी ने जानकारी देते हुए बताया कि अपने मृतक भाई का शरीर देखा तो उसके बाएं हांथ की भुजा पर चोट के निशान थे। जिससे अंदेशा लगाया जा सकता है कि जंगल के अंदर किसी जहरीले जानवर ने हमला कर दिया हो और पार्क प्रबंधन हमसे छुपा रहा हो।
एक वनकर्मी भी घायल
मिली जानकारी के मुताबिक वनकर्मी हाकिम सिंह सेंगर जो कि दूसरी तरफ पहाड़ी पर ही आग बुझा रहा था जहां अचानक पैर फिसल जाने के कारण चोटिल हो गया। जानकारी देते हुए बताया कि ऊपर पहाड़ पर आग बुझाने के दौरान पत्थर से पैर फिसल गया और घिसटते हुए नीचे आने लगा तभी एक झाड़ी को पकड़ कर अपनी जान बचाई जिससे कमर पर अंदुरुनी ठोकर लगने से एक पैर पूरी तरह काम नही कर पा रहा है। मृतक के परिजनों को विभागीय अधिकारियों द्वारा 25000 रुपये की तुरंत सहायता करते हुए 6 माह का एडवांस वेतन के सांथ मृतक के पत्नी को अनुकम्पा नियुक्ति की सहायता देने का आश्वासन दिया गया।